Loksabha Election: आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी अपनी कमर कस रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अपना परचम लहराने की तैयारी कर रही है। लेकिन अमेठी, रायबरेली समेत 30 सीटों पर विशेष रूप से फोकस कर रही है। इन सीटों पर बूथ कमेटी भी तैयार की जा रही है।
कांग्रेस के लिए आगामी लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में यूपी में अधिक से अधिक सीटों पर वर्चस्व कायम करना आवश्यक है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में इस बार वाराणसी के कद्दावर नेता अजय राय को अध्यक्ष पद की कमान सौंपी है। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन ने अभी सीटों का बंटवारा नहीं किया है। गठबंधन में सपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी भी चल रही है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पिछले दिनों मऊ दौरे पर कहा था कि सपा ने उनके साथ धोखा किया है। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कहा है कि वह सीटें बांटने का काम करेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यूपी कांग्रेस कमेटी ने 80 लोकसभा क्षेत्र को तीन भागों में बांट रखा है।

Loksabha Election: प्रदेश अध्यक्ष स्वयं कर रहे निगरानी
कांग्रेस द्वारा बनाई गई चुनावी रणनीति (Loksabha Election) के मुताबिक, ए श्रेणी में प्रदेश के 30 लोकसभा क्षेत्र हैं, वहीं बी श्रेणी में 30 और सी श्रेणी में 20 सीटों को शामिल किया गया है। ये श्रेणी पहले हुए चुनावों में मिले वोटों के आधार पर बनाई गई है। ऐसे में अभी तक ए श्रेणी के लोकसभा क्षेत्र की बूथ कमेटी बनाने का निर्देश दिया गया है। इसकी निगरानी खुद प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कर रहे हैं।
इसकी निगरानी खुद प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कर रहे हैं। इन 30 सीटों में रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, फूलपुर, फर्रुखाबाद, बांदा, झांसी, सहारनपुर, नगीना, मुरादाबाद, हाथरस, फतेहपुर सीकरी, धौरहरा, पीलीभीत, उन्नाव, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर, घोसी, जौनपुर, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा, मथुरा, महाराजगंज, डुमरियागंज, चंदौली, सलेमपुर आदि सीटें शामिल हैं।
80 सीटों पर चल रही कांग्रेस की तैयारी
इस बाबत उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि प्रदेश की सभी 80 सीटों पर कांग्रेस की तैयारी (Loksabha Election) चल रही है। पार्टी के सभी पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों को तैयारी करने के लिए कहा गया है।
कई लोकसभा क्षेत्रों में बूथवार कमेटियां गठित हो गई हैं तो कुछ में गठन चल रहा है। संगठन हर स्तर पर तैयारी कर रहा है। जहां तक गठबंधन का सवाल है तो यह शीर्ष नेतृत्व तय करेगा। वहां से मिले निर्देश के तहत आगे का कदम उठाया जाएगा, लेकिन पार्टी अपनी प्राथमिकता के आधार पर तैयारी कर रही है। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सीटों पर पार्टी के प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरें और जीतें।