सावन माह में काशी के सभी देवालयों में भव्य हरियाली श्रृंगार किया जा रहा है। उसी क्रम में विश्वनाथ धाम परिक्षेत्र के येलो जोन स्थित कालिका गली स्थित कालरात्रि देवी का सावन के दूसरे मंगलवार को भव्य श्रृंगार (Maa Kalratri Sringaar) और भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर के साथ माँ के गर्भगृह को विविध प्रकार के फल-फूलों और रंग-बिरंगे विद्युत झालरों से सजाया गया था।
मां का भव्य श्रृंगार (Maa Kalratri Sringaar) किया गया

भोर में मां को गंगाजल से स्नान करा कर नूतन वस्त्र धारण कराया गया। तरह-तरह के फूलो से मां का भव्य श्रृंगार (Maa Kalratri Sringaar) किया गया। माँ की भव्य आरती की गई। मां की इस भव्य झांकी (Maa Kalratri Sringaar) को देखने की भक्तों की भीड़ लगी रही। सन्ध्या में मां का पुनः पंचामृत स्नान कराकर नूतन वस्त्र धारण कराया गया। नवरत्न जड़ित हार, नथिया, मांगटीका पहनाकर भव्य श्रृंगार गुलाब, टेंगरि, गेंदे, बेला, रजनीगंधा के मालाओं से किया गया।
भंडारे में भक्तो को प्रसाद वितरण किया गया। रात्रि में नियमानुसार महंत रवींद्र नारायण तिवारी ने मां कालरात्रि की महाआरती की। देर रात तक माता का झांकी दर्शन करते रहे। इस अवसर पर भजन में कलाकारों ने माता को स्वरांजलि अर्पित की। दर्शन-पूजन का क्रम आधी रात तक अनवरत चलता रहा। व्यवस्था में राकेश तिवारी, अंकुर शुक्ला, प्रद्युम्न शुक्ला, दुर्गेश तिवारी, मनीष पाठक, राजीव गांधी रुद्रांशी का योगदान रहा।

