देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Indigo) हाल ही में गंभीर उड़ान संकट का सामना कर रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुईं या देर से चलीं और यात्रियों की नाराजगी बढ़ती गई। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ने शुक्रवार को घोषणा की कि संकट के कारणों की गहराई से जांच एक बाहरी, स्वतंत्र एविएशन विशेषज्ञ से कराई जाएगी। बोर्ड ने यह ज़िम्मेदारी चीफ एविएशन एडवाइजर्स एलएलसी को सौंपी है, जिसका नेतृत्व वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय एविएशन विशेषज्ञ कैप्टन जॉन इल्सन करते हैं।
Indigo: क्रू मैनेजमेंट की कमियों की होगी जांच
कंपनी के मुताबिक कैप्टन इल्सन इंडिगो की हालिया ऑपरेशनल गड़बड़ियों, उड़ानों में आई देरी, रद्दीकरण और क्रू मैनेजमेंट की कमियों की जांच करेंगे। इसके साथ ही वे एयरलाइन की कार्यप्रणाली में सुधार के सुझाव भी देंगे। बोर्ड पहले ही संकट नियंत्रण के लिए एक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बना चुका है, जो उड़ान संचालन को सामान्य करने और यात्रियों की परेशानियों को कम करने में जुटा हुआ है। बाहरी विशेषज्ञ की नियुक्ति से यह स्पष्ट है कि एयरलाइन पूरी पारदर्शिता के साथ व्यापक जांच चाहती है।
यात्रयों को करना पड़ा असुविधाओं का सामना
गौरतलब है कि इंडिगो (Indigo) का ऑपरेशनल संकट 2 दिसंबर से शुरू हुआ था। उड़ानों की कमी, क्रू ड्यूटी मैनेजमेंट (एफडीटीएल) के दूसरे चरण के अनुपालन में लापरवाही और समन्वय की कमी के कारण सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं। इससे न केवल एयरलाइन की समयबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े हुए, बल्कि उसकी वर्षों पुरानी विश्वसनीयता भी प्रभावित हुई। यात्रियों को लंबे इंतजार, कैंसल हुई फ्लाइट्स और असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
इंडिगो (Indigo) ने बताया कि कैप्टन जॉन इल्सन जल्द ही जांच शुरू करेंगे और अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेंगे। यह रिपोर्ट संकट की असल वजहों, सिस्टम की खामियों, पायलट और क्रू मैनेजमेंट समस्याओं और आवश्यक सुधारों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करेगी। एयरलाइन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस तरह का संकट दोबारा न हो और उनकी सेवाएं और अधिक मजबूत व विश्वसनीय बन सकें।
कंपनी का कहना है कि यह कदम केवल मौजूदा समस्याओं को दूर करने के लिए नहीं है, बल्कि पूरे ऑपरेशनल ढांचे को व्यवस्थित करने के लिए भी है। इंडिगो की मंशा यात्रियों का भरोसा वापस जीतने और अपनी समयबद्धता की पहचान को फिर से मजबूत करने की है। एयरलाइन (Indigo) के इस निर्णय को उसकी पारदर्शिता, गंभीरता और उच्चस्तरीय सुधार प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

