वाराणसी। सूबे के स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों को सचेत रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि जब ऊपर के स्तर पर भ्रष्टाचार लगभग समाप्त हो गया है, तो फिर निचले स्तर पर भ्रष्टाचार ना काबिले बर्दाश्त है।
रविंद्र जायसवाल मंगलवार को स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को भ्रष्टाचार के प्रति अलर्ट रहने को कहा है। स्टाम्प मंत्री ने कहा कि अधिकारियों के चैंबर में भी एक कैमरा होना चाहिए। जिससे उनकी भी निगरानी हो सके और भ्रष्टाचार पर रोक लगे। मंत्री ने विभागों को शत प्रतिशत भ्रष्टाचार मुक्त बनाने पर जोर दिया।
रविंद्र जायसवाल ने कहा कि अधिकारियों के ऑफिस का कैमरा किसी भी दशा में बंद नहीं होना चाहिए। प्रत्येक कार्यालय के बाहर टोल फ्री नंबर लिखा होना चाहिए ताकि रजिस्ट्री कराने आने वाले पक्षकार को यदि कोई असुविधा हो तो वह टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर ले। प्रत्येक अधिकारी निर्धारित ड्रेस कोड में ही कार्यालय आएंगे। जो भी स्टांप वेंडर किसी भी तरह की मनमानी कर रहा हो उसके खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए।
रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि आम जनता की सुविधा हेतु प्रत्येक कार्यालय के बाहर निबंधन मित्र बनाने पर विचार किया जा रहा है,जो आम जनता जो रजिस्ट्री हेतु आते हैं, दस्तावेज में लगने वाले स्टांप एवं निबंधन शुल्क की सही सही जानकारी देंगे, ताकि करापवंचना की संभावना न्यूनतम हो और राजस्व में आधिकाधिक वृद्धि हो।
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने राजस्व वृद्धि के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए। विभागीय अधिकारियों ने भी राजस्व बढ़ाने हेतु अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किया। सहायक महानिरीक्षक निबंधन अंबेडकर नगर ने मंत्री से अनुरोध किया कि यदि विभागीय अधिकारियों को पूर्ण कालिक वाहन उपलब्ध करा दिया जाए और उन्हें 50 दस्तावेजों के स्थान पर 100 दस्तावेजों के स्थल निरीक्षण का कार्य दे दिया जाए तो राजस्व में लगभग 1000 करोड रुपए का इजाफा होगा। बैठक में मंत्री रविन्द्र जायसवाल का पूरा फोकस भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस नीति पर था।
बैठक के अंत में महानिरीक्षक निबंधन रुपेश कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शत प्रतिशत राजस्व प्राप्ति शीर्ष प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बऱती जाए। प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन लीना जौहरी ने भी कम राजस्व प्राप्त करने वाले अधिकारियों को आगाह करते हुए उनके राजस्व कमी का कारण और गत माह में अवशेष राजस्व प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन लीना जौहरी, महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश रुपेश कुमार,अपर महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश आंद्रे वामसी सहित स्टांप एवं निबंधन विभाग उत्तर प्रदेश के लगभग डेढ़ सौ अधिकारी उपस्थित रहे।

