Month Of Sawan: सावन मास में काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था की विशाल धारा उमड़ेगी। अनुमान है कि 11 जुलाई से 9 अगस्त तक चलने वाले इस पवित्र मास में करीब 2 करोड़ श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन को पहुंचेंगे। हालांकि इस बार गंगा के बढ़ते जलस्तर के चलते गंगा द्वार (ललिता घाट) से दर्शन पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में मात्र 5 मार्गों से ही मंदिर में प्रवेश संभव होगा।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि गेट नंबर 4, नंदू फेरिया, सिल्को, ढुंढिराज और सरस्वती फाटक से भक्त बाबा (Month Of Sawan) के दर्शन कर सकेंगे। वहीं स्थानीय लोगों के लिए सुबह और शाम एक-एक घंटे का विशेष समय आरक्षित किया गया है। ये लोग काशी द्वार से आवागमन कर सकेंगे। बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए गंगा द्वार को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
डिजिटल और ऑनलाइन दर्शन की सुविधा
श्रद्धालु अगर लंबी कतार से बचना चाहते हैं तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर (Month Of Sawan) के प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन पर बाबा के आरती और श्रृंगार के दर्शन कर सकेंगे। साथ ही मंदिर के यूट्यूब चैनल पर ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग भी उपलब्ध रहेगी।
Month Of Sawan: VIP दर्शन पर पूरी तरह रोक
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने स्पष्ट किया है कि सावन मास (Month Of Sawan) में किसी भी प्रकार के विशेष या प्रोटोकॉल दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा पैसे लेकर विशेष दर्शन की बात करना ठगी की श्रेणी में आएगा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस या मंदिर प्रशासन को देने की अपील की गई है।
भक्तों के लिए विशेष दिशानिर्देश
- गर्भगृह में प्रवेश वर्जित रहेगा, जलाभिषेक केवल बाहर से पाइप के माध्यम से किया जा सकेगा।
- प्रत्येक श्रद्धालु को 2-4 सेकंड का समय मिलेगा पूजन के लिए।
- जिस द्वार से श्रद्धालु प्रवेश करेंगे, उसी से निकास भी होगा।
- मोबाइल, स्मार्टवॉच, पेन, धातु की वस्तुएं, बैग, बेल्ट आदि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
- तलाशी के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा।
चिकित्सकीय आपात व्यवस्था
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को देखते हुए पांच स्थानों पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी। दो एम्बुलेंस मौजूद रहेंगी, जिनमें से एक ALS (Advanced Life Support) युक्त होगी। डॉक्टरों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी रहेगी।
वृद्ध, दिव्यांग और बच्चों के लिए मुफ्त ई–रिक्शा
गोदौलिया से मैदागिन तक फ्री ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध रहेगी, जिससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और छोटे बच्चों को मंदिर तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो।
श्रद्धालुओं के लिए जलपान और शीतलता की व्यवस्था
- भीड़ में लगे भक्तों को ORS, बिस्किट, टॉफी और ग्लूकोज वितरित किए जाएंगे।
- 2 इंच मोटी मैट और जर्मन हैंगर पूरे मार्ग को ढंकेंगे, जिससे धूप और बारिश से राहत मिलेगी।
- एयर कूलर, फैन और वाटर कूलर की व्यवस्था भी की गई है।
पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा भक्तों की उम्मीद
2024 में जहां 1.65 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, इस बार प्रशासन (Month Of Sawan) को 2 करोड़ से अधिक भक्तों के आने की संभावना है। ऐसे में सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।