Nari Shakti Vandan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को वाराणसी में तीन कार्यक्रमों में शामिल हुए। प्रथम उन्होंने गंजारी में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन किया। इसके बाद वे सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में शामिल हुए।
पीएम मोदी ने कहा कि माताओं और बहनों की शक्ति ही उनका सबसे बड़ा सुरक्षा कवच (Nari Shakti Vandan) है। पीएम मोदी ने वाराणसी के संपूर्णानंद मैदान में आयोजित नारी शक्ति वंदन अभिनंदन कार्यक्रम के दौरान विपक्ष को इस बात के लिए आड़े हाथ लिया कि तीन दशक तक इस बिल को लटकाकर रखा गया। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों की एकजुटता और उनकी ताकत के कारण आज राजनीतिक पार्टियां कांप रही हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan) पास होने पर प्रदेश की मातृशक्ति की ओर से प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि बीते साढ़े नौ साल में माताओं और बहनों को केंद्र में रखकर सरकार ने काम किया है। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिला समूहों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

इस बार कई गुना बढ़ गया है नवरात्रि का उत्साह
प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि काशी माता कुष्मांडा, माता शृंगार गौरी, मां अन्नपूर्णा और मां गंगा की पावन नगरी है। यहां के कण कण में मातृ शक्ति की महिमा जुड़ी है। विंध्यवासिनी देवी भी बनारस से दूर नहीं हैं। काशी नगरी देवी अहिल्याबाई होल्कर के पुण्य कार्यों और प्रबंध कौशल की साक्षी रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने इस बार नवरात्रि के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है। इस कानून (Nari Shakti Vandan) से देश में महिला विकास के रास्ते खुलेंगे। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की उपस्थिति बढ़ेगी।

हर काल में साबित किया है नारी नेतृत्व का सामर्थ्य
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उन्होंने कहा कि नारी का नेतृत्व (Nari Shakti Vandan) बाकी दुनिया के लिए आधुनिक व्यवस्था हो सकती है। हम तो महादेव से पहले मां पार्वती और गंगा को प्रणाम करने वाले लोग हैं। हमारी काशी रानी लक्ष्मीबाई जैसी विरांगना की जन्मभूमि है। आजादी की लड़ाई में लक्ष्मीबाई जैसी विरांगनाओं से लेकर मिशन चंद्रयान को लीड करने वाली महिला वैज्ञानिकों तक नारी नेतृत्व के सामर्थ्य को हर कालखंड में हमने साबित किया है। उन्होंने कहा कि तीन दशक से ये कानून लटका था। आज संसद के दोनों सदनों में उन पार्टियों को भी इसके समर्थन में आना पड़ा जो पहले इसका विरोध करते थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan) एक व्यापक विजन वाला कार्यक्रम
प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक व्यपक विजन वाला कार्यक्रम है। हम ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए किसी की जरूरत न पड़े। इसके लिए कानून के साथ साथ सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करना जरूरी है। इसलिए इस कानून का नाम नारी शक्ति वंदन अधिनियम रखा गया है। कुछ लोगों को इसमें भी वंदन शब्द से परेशानी है। माताओं बहनों को वंदन नहीं करेंगे तो क्या करेंगे। ये लोग नहीं समझ पाते कि नारी शक्ति के वंदन का अर्थ क्या है। हमें ऐसी नकारात्मक सोच से बचते हुए विकास पथ पर आगे बढ़ना है। देश आगे बढ़ता रहेगा, और ऐसे बड़े निर्णय लेते रहेगा।