New Delhi: एलपीजी सिलेंडर बुकिंग को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट स्थिति रख दी है। सरकार ने उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि अब गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव कर दिया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, मौजूदा नियमों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। पहले की तरह ही उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर बुक करा सकेंगे।
हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को अब 45 दिन और अन्य उपभोक्ताओं को 35 दिन बाद ही गैस बुकिंग की अनुमति होगी, लेकिन सरकार (New Delhi) ने इसे पूरी तरह गलत बताया है।
New Delhi: कॉमर्शियल सिलेंडर पर ज्यादा दबाव
सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की तुलना में 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की मांग और सप्लाई पर ज्यादा दबाव है। इस स्थिति को देखते हुए 22 मार्च को केंद्र सरकार (New Delhi) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कॉमर्शियल गैस के कोटे में 20% अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दी थी।
इस फैसले के बाद कुल आवंटन 50% तक बढ़ गया है। हालांकि, डिस्ट्रीब्यूटर्स (New Delhi) का कहना है कि इसका असर जमीनी स्तर पर दिखने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
PNG विस्तार के लिए नए नियम लागू
सरकार ने गैस पाइपलाइन नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ के तहत नए प्रावधान लागू किए हैं। इसका उद्देश्य देशभर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की पहुंच को आसान और तेज बनाना है। नए नियमों के तहत अब पाइपलाइन बिछाने में आने वाली प्रशासनिक और स्थानीय अड़चनों को कम किया जाएगा।
नए नियमों की मुख्य बातें
- सोसाइटी और RWA की बाधाएं खत्म: अब किसी भी हाउसिंग सोसाइटी या RWA को पाइपलाइन के लिए 3 दिन के भीतर अनुमति देनी होगी। देरी या मना करने पर PNG सप्लाई रोकी जा सकती है।
- मंजूरी की समय सीमा तय: छोटे प्रोजेक्ट्स को 10 दिन और बड़े प्रोजेक्ट्स को 60 दिन में मंजूरी देना अनिवार्य होगा। तय समय में जवाब न मिलने पर ‘डीम्ड क्लियरेंस’ माना जाएगा।
- जमीन और मुआवजा प्रक्रिया आसान: निजी जमीन से पाइपलाइन गुजरने पर सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा तय होगा। विवाद होने पर जिला प्रशासन हस्तक्षेप करेगा।
PNG यूजर्स को LPG से दूरी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, उन्हें LPG सिलेंडर रखने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना गैस कनेक्शन सरेंडर करना होगा और नए LPG कनेक्शन भी जारी नहीं किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों (New Delhi) का मकसद गैस सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाना और उपभोक्ताओं को भविष्य में किसी भी तरह की कमी से बचाना है।

