New Delhi: मोदी 2.0 सरकार के केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम बैठक मंगलवार को हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इस बैठक में 17वीं लोकसभा भंग करने की सिफारिश की गई।
दरअसल, वर्तमान 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को खत्म हो रहा है। बैठक के बाद पीएम मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लोकसभा भंग करने की सिफारिश की। इसके साथ ही उन्होंने महामहिम को अपना एवं अन्य कैबिनेट मंत्रियों का इस्तीफा सौंपा। जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति ने नरेन्द्र मोदी से अगली सरकार के गठन तक बतौर कार्यकारी प्रधानमंत्री जिम्मेदारी संभालने की अपील की।
New Delhi: 8 जून को हो सकता है नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लोकसभा चुनाव के नतीजों और भाजपा नीत एनडीए द्वारा सदन में बहुमत हासिल करने के बाद संभावित सरकार गठन के मुद्दे पर चर्चा हई। बैठक सुबह 11।30 बजे प्रधानमंत्री आवास पर शुरू हुई थी। इस बैठक के बाद मंत्रिपरिषद की बैठक भी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, 7 जून को संसदीय दल की बैठक होगी और अगले दिन यानी 8 जून को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।
‘मोदी सरकार’ नहीं बल्कि ‘NDA सरकार’
लोकसभा चुनाव के नतीजों का मंगलवार को ऐलान कर दिया गया। देश के 543 लोकसभा सीटों में से 240 सीटों पर भाजपा और 99 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है। भाजपा के एनडीए गठबंधन को 292 और कांग्रेस के विपक्षी गठबंधन को 234 सीटें मिली हैं।
नतीजों से स्पष्ट है कि इस बार देश में ‘मोदी सरकार’ नहीं बल्कि ‘NDA सरकार’ होगी। सरकार गठन को लेकर बुधवार को एनडीए के सभी दलों की बैठक होगी। वहीं विपक्षी इंडी गठबंधन भी आज बैठक करेगा। प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, लेकिन इस बार भाजपा को सरकार चलाने के लिए सहयोगी पार्टियों के समर्थन की जरूरत है। खासकर जदयू और तेदेपा का समर्थन जरूरी होगा। विपक्षी गठबंधन भी जदयू और तेदेपा को अपने पाले में खींचने की कोशिश कर सकता है। हालांकि दोनों ही पार्टियों ने साफ कर दिया है कि वह एनडीए को समर्थन देंगे, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी गठबंधन अपनी कोशिशों में जुटा है।

