बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का माहौल मंगलवार देर रात अचानक अशांत हो गया। राजाराम हॉस्टल के पास एक वाहन से बिड़ला हॉस्टल के छात्र को धक्का लगने की घटना ने पूरे कैंपस को उबाल पर ला दिया। शिकायत लेकर पहुंचे छात्रों की चीफ प्रॉक्टर ऑफिस में सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस हुई और देखते ही देखते सैकड़ों छात्र वीसी आवास के बाहर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
पत्थर बाजी से थर्राया कैंपस
विरोध प्रदर्शन ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड (BHU) ने सुरक्षाकर्मियों से उन्हें बलपूर्वक खदेड़ने की कोशिश की। इसके बाद गुस्साए छात्रों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्र पत्थर फेंकते और सुरक्षाकर्मी उन्हें दौड़ाते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस बल की तैनाती
स्थिति बिगड़ते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। देखते ही देखते पांच थानों की फोर्स कैंपस में तैनात कर दी गई। बिड़ला हॉस्टल से लेकर रुइया हॉस्टल (BHU) तक लगभग 500 मीटर का इलाका पत्थरों से पट गया। छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, गमले और बैनर भी क्षतिग्रस्त कर दिए।

प्रशासन की सफाई
एसीपी गौरव सिंह ने बताया कि छात्रों के बीच मामूली बहस से शुरू हुआ विवाद अचानक बढ़ गया और पत्थरबाजी तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस बल की मौजूदगी से हालात नियंत्रण में हैं और (BHU) कैंपस में शांति बहाल करने की कोशिश जारी है।
यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसे से उपजी नाराज़गी नहीं थी, बल्कि छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के बीच लंबे समय से चले आ रहे अविश्वास और तनाव का विस्फोट भी थी। BHU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में बार-बार इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक सख्ती और छात्र असंतोष के बीच गहरी खाई को उजागर करती हैं।

