- प्रत्याशियों को शत प्रतिशत जीत दिलाने के लिए समर्थक और राजनीतिक दल लगा रहे एड़ी चोटी का जोर
वाराणसी। निकाय चुनाव 2023(Nikay Chunav) के लिए मंगलवार की शाम चुनाव प्रचार थम गया। जिसके बाद राजनीतिक दल और निर्दलिय उम्मीदवारों के समर्थक बूथ मजबूत करने में जुट गए। इस दौरान महानगर के 100 वार्डों में बनाए गए 1325 पोलिंग बूथ पर तैनाती के लिए कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की गई। वहीं निर्दलियों की ओर से भी पोलिंग बूथों पर तैनाती के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई।
ज्यादा से ज्यादा सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों की ओर से बूथ मजबूती पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मंगलवार को चुनाव प्रचार थमने के बाद सभी 100 वार्डों में पूर्व से निर्धारित बूथ एजेंटों को दिशा निर्देश दिए गए। इस दौरान दलों की ओर से महानगर कमेटी के पदाधिकारियों को मतदान के दिन गुरुवार को इन बूथों पर निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसमें भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा सहित अन्य दलों ने बूथ मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को चौकन्ना रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समर्थकों और अन्य कार्यकर्ताओं को वोटरों को बूथ तक लाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इसके लिए पार्टी नेतृत्व और समर्थकों ने प्रत्याशियों को सत प्रतिशत जीत दिलाने के एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। मतदान स्थल से 100 मीटर दूर रहकर मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी पार्टी कार्यकर्ताओं के कंधों पर सौंपी गई है। इसमें निर्दलिय उम्मीदवारों ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। निकाय चुनाव के लिए निर्धारित किए गए 1325 पेलिंग बूथों पर गुरुवार चार मई को मतदान होने हैं। जिसके बाद 13 मई को मतगणना के बाद परिणामों की घोषणा होगी।
बागी उम्मीदवार बने बड़ी मुसीबत
पार्टी प्रत्याशियों के लिए बागी उम्मीदवार बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। जिसके लिए पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें मनाने का प्रयास भी किया जा चुका है। बावजूद इसके कई बागी चुनाव मैदान में डटे हैं। इससे पार्टी के वोट पर बड़ा असर पड़ने की संभावनाएं जताई जा रही है। बागियों की उम्मीदवारी से पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसमें सबसे वार्ड की पार्षदी सीट ही नहीं बल्कि महापौर के वोट भी खिसकने की संभावना है।

