Varanasi: नगर निगम वाराणसी द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को इंग्लिशिया लाइन (मलदहिया) स्थित किसान फूल मंडी में बड़ी कार्रवाई की गई। नगर निगम ने करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि से अवैध कब्जा हटवाया और ताला बंदकर दिया। साथी ही फूलमंडी की दीवार पर अधिकारियों द्वारा यह भी लिखा गया कि यह संपत्ति नगर निगम वाराणसी की है- आज्ञा से नगर आयुक्त। इस दौरान मौके पर पहुंचे अधिकारियों और मंडी संचालक के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मलदहिया स्थित (Varanasi) किसान फूल मंडी की भूमि रक्षा सम्पदा विभाग की है, जो नगर निगम के प्रबंधनाधीन है। इसी आधार पर निगम ने मंडी संचालक को अवैध कब्जाधारक मानते हुए बेदखली की कार्रवाई की। मौके पर सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव मौजूद रहे।

Varanasi: मंडी संचालक ने कहा- 40 वर्षों से कर रहे इसका संचालन
मंडी संचालक विशाल दुबे ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वे करीब 40 वर्षों से मंडी का संचालन कर रहे हैं। नगर निगम उन पर अवैध वसूली और अतिक्रमण का आरोप लगा रहा है, जबकि मंडी में मात्र 25 रुपये मंडी शुल्क लिया जाता है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम ने किस आधार पर इस शुल्क को करोड़ों रुपये की अवैध वसूली बता दिया, यह समझ से परे है। विशाल दुबे का दावा है कि इस मंडी (Varanasi) से करीब 2000 लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है और आसपास के जिलों व अन्य शहरों से भी व्यापारी यहां व्यापार करने आते हैं।
दस्तावेजों का दिया हवाला, न्यायालय जाने की कही बात
विशाल दुबे ने बताया कि नगर निगम के दस्तावेजों में उनके पिता का नाम दर्ज है। नामांतरण न होने के कारण अब तक वही नाम रिकॉर्ड में है। उन्होंने कहा कि वे कई बार नगर आयुक्त से मिलकर अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने निर्णय वापस नहीं लिया, तो वे न्यायालय का रुख करेंगे। साथ ही उन्होंने इस कार्रवाई (Varanasi) को किसी साजिश का हिस्सा बताते हुए आरोप लगाया कि कि यह किसी न किसी की साजिश है। इसके पीछे किसी बड़े व्यक्ति या माफिया की मंशा है जो इसपर कब्जा करना चाह रहा है।
बता दें कि नगर निगम (Varanasi) ने स्पष्ट किया है कि अवैध कब्जाधारक को हटाकर किसान फूल मंडी को अपने नियंत्रण में लिया गया है। मंडी परिसर के अंदर बनी दुकानों को सील किया जाएगा और आगे से शहर की सबसे बड़ी किसान फूल मंडी (मलदहिया) पर नगर निगम का सीधा नियंत्रण रहेगा।

