NSUI वाराणसी: हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र से बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बयान पर देशभर में खूब विवाद पसरा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी कंगना रनौत के बयान से खुद को अलग कर चुकी है। इस बीच वाराणसी में भी कंगना रनौत के इस बयान को लेकर खूब हंगामा देखने को मिला। बीजेपी सांसद कंगना रनौत की ओर से आंदोलनरत किसानों पर दिए गए बयान को लेकर एनएसयूआई ने काशी विद्यापीठ के मुख्य गेट पर पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। कंगना के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहें।
बयानबाजी की शैली, सभ्य नहीं- NSUI प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडेय
एनएसयूआई (NSUI) प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडेय ने कहा कि सांसद कंगना ने बयान देकर किसानों का अपमान किया है। इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। कंगना रनौत को इस मामले में देश के किसानों से माफी मांगनी चाहिए। सांसद कंगना रनौत एक तरफ तो कहती हैं कि वह पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित हैं, लेकिन जिस तरह से बयानबाजी की शैली है, वह सभ्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी हम छात्रों द्वारा विरोध किया जा रहा हैं अगर वह माफी नहीं मांगती है तो जल्द से जल्द किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।
दरअसल, बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने बीते दिनों एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कमजोर होता तो भारत में भी बांग्लादेश जैसे हालात हो सकते थे। सभी ने देखा है कि किसान आंदोलन में क्या-क्या हुआ। प्रदर्शन के नाम पर हिंसा हुई, दुष्कर्म हुए, लोगों को मारकर लटकाया जा रहा था। इसलिए किसानों से जुड़े 3 कानून वापस ले लिए गए, नहीं तो इन उपद्रवियों की काफी लंबी योजना थी।

