- आरोपी नहीं मिला तो पीड़ित के घर पुलिस ने चिपका दिया कुर्की का नोटिस
वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी में दो माह पहले हुए एक ही परिवार के सामूहिक हत्याकांड की गुत्थी उलझती जा रही है। घटना के 60 दिन बाद भी पुलिस के हाथ अब तक अहम सुराग नहीं लगे हैं और न ही मुख्य आरोपी की गिरफ़्तारी हुई है। शराब कारोबारी राजेंद्र गुप्ता का भतीजा विक्की मोबाइल बंद कर कहां गायब हो गया, इसका पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी है।
अब इस मामले में नया मोड़ आया है। राजेंद्र के घर में बची इकलौती बुजुर्ग महिला उनकी मां शारदा देवी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कोर्ट में आवेदन देकर पुलिस की कारस्तानी का खुलासा किया है। कहा कि पुलिस आरोपी विक्की को ढूंढने के बजे कुर्की का नोटिस उनके ही घर पर चस्पा कर दिया है। जबकि यह घर उनके बेटे राजेंद्र गुप्ता के नाम पर है। बुजुर्ग महिला ने सवाल किया कि जिस बेटे-बहु के साथ तीनों पोते-पोतियों की हत्या कर दी गई, उसी के मकान पर कुर्की की नोटिस क्यों चस्पा कर दी गई?
बुजुर्ग महिला ने कोर्ट में दिए आवेदन में कहा कि पुलिस जिस विशाल को हत्या के लिए दोषी मान रही है, उसका इस घर से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में मारे गए परिवार के घर पर ही कुर्की का नोटिस क्यों चस्पा कर दिया गया। गौरतलब है कि 4 नवंबर को शराब कारोबारी राजेंद्र गुप्ता, उनकी पत्नी नीतू, उनके बेटे नमनेंद्र और सुवेंद्र के साथ ही बेटी गौरांगी की हत्या कर दी गई थी। पुलिस अभी तक इस हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है। पुलिस को राजेंद्र के भतीजे विशाल गुप्ता उर्फ़ ‘विक्की’ पर शक है। विशाल की गिरफ़्तारी न होने से उसके खिलाफ पिछले मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया था।
बुजुर्ग महिला ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा है कि जिस घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया है, वह घर उनके बेटे राजेंद्र के नाम पर है। उसका आरोपी विक्की से कोई लेना देना नहीं है।