Chandauli: लोकसभा चुनाव से पहले चंदौली जिले में पुलिस ने नकली नोटों की छपाई व सप्लाई के धंधे का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना को पौने 4 लाख रुपए के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से नोट छापने वाला प्रिंटर वह अन्य सामान बरामद किए। हैं। पुलिस गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ अग्रिम कार्यवाही में जुटी हुई है।
दरअसल, लोकसभा चुनाव को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में है। इसी बीच पुलिस को नकली नोट छापने वाले तस्कर की सूचना प्राप्त हुई। धानापुर थाना प्रभारी प्रशांत सिंह ने क्षेत्र के नगवां चोचकपुर पुल [Chandauli] के पास से उसे दबिश देकर दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्त गोपाल पांडेय बिहार के रोहतास का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से EPSON कंपनी का एक प्रिंटर, अलग-अलग रंग के इंक, तीन अलग-अलग रंग के नोट छापने वाले पेपर, व अलग-अलग सीरियल नंबर के 3 लाख 75 हजार रुपए के नकली नोट बरामद किए। इनमें सौ रुपए के 1700 जाली नोट तथा 500 रुपए के 410 जाली नोट हैं।
लॉकडाउन में नौकरी गई तो अपनाया जाली नोटों का धंधा
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह और उसका भाई अहमदाबाद में कंप्यूटर प्रिंटिंग के माध्यम से साड़ी, कपड़े प्रिंट और डिजाइन का काम करते थे। कोरोना में फैक्ट्री बंद हो गई, तो घर आ गए। आर्थिक तंगी के कारण प्रिंटिंग मशीन से नकली नोट छापने का काम शुरू किया। Youtube व ऑनलाइन जानकारी इकट्ठा करके नकली नोट छापने की जानकारी हासिल की। बताया कि भारतीय जाली मुद्रा की छपाई के कार्य में हाई क्वालिटी का पेपर इस्तेमाल होता है, जो A4 साइज का होता है।
A4 पेपर पर प्रिंट कर बनाते थे गड्डी
आरोपी ने बताया कि एक बार में चार नोटों को A4 साइज पर स्कैन कर प्रिंट किया जाता है। फिर बहुत ही बारीकी से इस A4 साइज पेपर पर दूसरे तरफ चारों नोटों को स्कैन करके प्रिंट कर दिया जाता है। उसके बाद कटर व कैंची से एक पेपर में चार नोट काट कर तैयार कर लिया जाता है। जो चमकीले हरे रंग का सेलोटेप जाली करंसी नोट के बीच में मिला, उसे कैंची से छोटे-छोटे टुकड़े काटकर तार के जगह पर चस्पा कर दिया जाता है। जिससे नोट असली [Chandauli] लगने लगते हैं और उसके बाद सभी नोटों की गड्डी बना ली जाती है।
आरोपी ने बताया कि जिले में उसके कई ग्राहक थे। दो ग्राहकों को पिछले दिनों पुलिस ने सकलडीहा [Chandauli] से गिरफ्तार कर लिया था। फ़िलहाल दोनों जेल में बंद है। आरोपी उनसे 20 हजार असली रुपए लेते थे और 1 लाख रुपए के नकली नोट देते थे। जब से वह दोनों ग्राहक जेल गए तब से आरोपित और उसका भाई दोनों सतर्क हो गए थे।
Chandauli: 2022 में दोनों जा चुके हैं जेल
बताया कि स्थिति सामान्य होने पर दोनों ने चंदौली में ही कहीं रूम की बात की थी। जहां पर दोनों प्रिंटर मशीन [Chandauli] लगाकर छपाई का काम करने वाले थे। बताया कि वर्ष 2022 में आरोपी और उसके भाई दोनों जेल भी जा चुके हैं। बावजूद इसके जेल से छूटने के बाद दोनों भाइयों ने फिर से इस काम को शुरू कर दिया।
इस साल भी गैंग के दो सदस्य अमरेश पाठक व अरविंद यादव को धानापुर पुलिस ने जेल भेज दिया। इसलिए प्लान बनाया कि चंदौली [Chandauli] में ही पैसे छपाई का काम किया जाएगा तथा अन्य जगहों पर सप्लाई करेंगे। ताकि किसी को भी आभास ना हो सके। गिरफ्तार अभियुक्त गोपाल पांडे के खिलाफ धानापुर, बलुआ व सैयदराजा थाने में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसके भाई की भी तलाश में अन्य जगहों पर दबिश दे रही है।