Varanasi: संत शिरोमणि रविदास की जयंती पर उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर आस्था के विराट केंद्र में तब्दील हो गई। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचे हैं और सुबह से ही मंदिर के बाहर करीब तीन किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है। भक्त घंटों इंतजार कर संत रविदास के दर्शन कर रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र रैदासियों के शहर जैसा नजर आ रहा है।

10 चार्टर्ड विमानों से काशी पहुंचे NRI
इस अवसर पर करीब 1000 से अधिक एनआरआई 10 चार्टर्ड विमानों से काशी पहुंचे। श्रद्धालुओं ने संत रविदास की प्रतिमा को अमेरिकी डॉलर की माला पहनाई। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र (Varanasi) भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर को करीब 200 किलो से अधिक सोने से सजाया गया है, जबकि परिसर के पास लगभग 150 फीट ऊंची रविदासी पताका (हरि निशान साहिब) फहराई गई, जो दूर से ही दिखाई दे रही है।


दोपहर में नगीना सांसद चंद्रशेखर भी मंदिर पहुंचे और संत रविदास के दर्शन किए। मंदिर ट्रस्ट की ओर से उनका स्वागत किया गया। इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई प्रमुख नेता यहां मत्था टेक चुके हैं।

Varanasi: हर मिनट बनाई जा रही हैं एक हजार रोटियां
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर (Varanasi) में तीन विशाल लंगर चलाए जा रहे हैं। 10-10 फीट के बड़े तवों पर हर मिनट करीब एक हजार रोटियां बनाई जा रही हैं और हजारों लोगों को प्रसाद वितरित किया जा रहा है। रविदास जयंती पर एक साथ करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु लंगर ग्रहण कर रहे हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है, जहां रोटी, दो तरह की सब्जी, चावल, दाल और मिठाई परोसी जा रही है।

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी भी तैयार की गई है, जिसमें यूपी, पंजाब, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों से आए भक्तों (Varanasi) के लिए रहने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। व्यवस्था संभालने के लिए 10 हजार से अधिक सेवादार दिन-रात जुटे हुए हैं।

भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद है। एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटा गया है। करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। शाम को निकलने वाले जुलूस को लेकर भी सभी तैयारियां (Varanasi) पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान दोपहर में अचानक भीड़ के बीच एक सांड घुस आया, लेकिन सेवादारों की सतर्कता से बिना किसी अफरातफरी के उसे बाहर निकाल लिया गया।

