लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विशालकाय कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण किया और जनसभा को संबोधित किया।
PM Modi ने अपने संबोधन में कही ये बात
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री (PM Modi) ने कहा कि लखनऊ को आज एक नया प्रेरणा स्थल मिला है, जो आत्मसम्मान, गौरव और सेवा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि “हमारा हर प्रयास राष्ट्रनिर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए—सबका प्रयास ही विकसित भारत का आधार बनेगा।”
PM Modi ने धारा 370 हटाकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करने का उल्लेख किया और दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ को जनकल्याणकारी योजनाओं की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में करोड़ों लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है, यही सच्चा समावेश और सम्मान है।
अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों को किया याद
अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सुशासन को जमीन पर उतारने का श्रेय अटल जी को जाता है। टेलीकॉम विकास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दिल्ली मेट्रो और देशभर में सड़कों- एक्सप्रेसवे के विस्तार जैसी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन पहलों ने देश की रफ्तार बढ़ाई है।
देश के नायकों को मिल रहा सम्मान
प्रधानमंत्री (PM Modi) ने कहा कि पहले विकास और स्मारकों को एक ही परिवार से जोड़ा जाता था, लेकिन भाजपा ने देश को परिवार-केन्द्रित राजनीति से बाहर निकालने का काम किया। उन्होंने बताया कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित अनेक महान व्यक्तित्वों को उचित सम्मान मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सभी को सम्मान देने की परंपरा निभाई है—चाहे पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी हों या मुलायम सिंह यादव। अंत में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान बदल रही है, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है और राज्य तेज़ी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

