PM के विदेश यात्रा के दौरान आज वो ओमान जायेंगे. जहाँ उनकी मुलाकात ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से होगी। इस दौरान भारत और ओमान के बिच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन किया जायेगा।
इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल, फुटवियर, ऑटोमोबाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, रिन्युएबल एनर्जी और ऑटो कंपोनेंट्स को सीधे तौर से फायदा होगा। हांलाकि इस समझौते के लिए नवम्बर 2023 में ही बातचीत शुरू हो गयी थी।
आपको बता दें कि दोनों नेताओं (PM) की मुलाकात ओमान के राजधानी मस्कट में होगी। वहीं एयरपोर्ट पर मोदी के स्वागत के लिए सैयद शिहाब बिन तारिक अल सईद उपस्थित रहे। अल सईद ओमान के रक्षा मामलों के उप प्रधानमंत्री (PM) हैं।

ओमान के कच्चे तेल का चौथा बड़ा खरीदार भारत
हांलाकि भारत ओमान के कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा खरीदार है। भारत ने 2023 में 4 हजार करोड़ रुपये के करीब कच्चा तेल ख़रीदा था। साथ ही भारत ओमान के प्लास्टिक, रबर से बने प्रोडक्ट, केमिकल, मेटल जैसे गैर-तेल उत्पादों का तीसरा सबसे बड़ा बाजार भी है। भारत और ओमान के बीच आर्थिक और कारोबारी रिश्ते लगातार बढ़े हैं।
PM: भारत-ओमान के आयत-निर्यात
भारत से ओमान को चावल, मशीनरी, जहाज, विमान के पुर्जे, एल्यूमीनियम उत्पाद, खाद्य सामग्री, फल-सब्जियां, मसाले, चाय-कॉफी और मांस जैसे सामान निर्यात होते हैं। वहीं ओमान से भारत को कच्चा तेल, ईंधन, यूरिया, केमिकल्स, प्लास्टिक, सीमेंट और एल्यूमीनियम का निर्यात किया जाता है।
भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार है ओमान
ओमान अकेला खाड़ी देश है जिसके साथ भारत ने लॉजिस्टिक एक्सेस एग्रीमेंट किया है। दोनों देशों के बीच यह समझौता 2018 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM) की ओमान यात्रा के दौरान था। इसके तहत भारतीय नौसेना और वायुसेना ओमान के रणनीतिक बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल कर सकती है। इससे भारत को खाड़ी क्षेत्र में एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार मिला।
ओमान को मिडिल ईस्ट का सबसे न्यूट्रल (तटस्थ) देश कहा जाता है। उसकी विदेश नीति की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह किसी भी क्षेत्रीय विवाद में खुलकर किसी एक पक्ष के साथ खड़ा नहीं होता।

