Varanasi: मणिकर्णिका घाट पर चल रहे निर्माण कार्य का विवाद दिन-प्रतिदिन तूल पकड़ते जा रहा है। जहाँ एक ओर सोशल मीडिया पर इससे संम्बंधित तमाम वीडियो वायरल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षियों के आरोपों को ख़ारिज करते हुए शहर दक्षिणी के विधयक डॉ. नीलकंठ तिवारी और वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी शुक्रवार की शाम मणिकर्णिका घाट (Varanasi) पहुंचे और निरीक्षण करने के बाद सभी वीडियो को AI का बताया और यह भी कहा कि सभी मूर्तियाँ संस्कृति विभाग में संरक्षित कर दी गई है। अब इसी की वास्तविकता जानने के लिए कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे के नेतृत्व में कार्यकर्ता गुरुधाम चौराहा स्थित संस्कृति विभाग जाने के लिए निकले।

Varanasi:कांग्रेस के कार्यकर्ता सिरासत में
सभी कार्यकर्ता दुर्गाकुंड (Varanasi) स्थित कुरुक्षेत्र कुंड के पास एकत्रित हुए और संस्कृति विभाग जाने के लिए निकले लेकिन जैसे ही सभी लोग गुरुधाम चौराहे पर पहुंचे वहां पहले से ही तैनात पुलिस ने बैरिकेडिंग करके सभी कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इसके बाद भी कांग्रेसी अपनी जिद्द पर अड़े रहे। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण नजर आया और पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तीखी नोक झोंक भी देखने को मिली। जिसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर थाने ले गई।

बता दें कि मणिकर्णिका घाट (Varanasi) के पुनर्निर्माण को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। जिसमे घाट पर स्थित मूर्ति के टूट हुए हिस्से दिखाई दे रहे हैं। जिसके बाद अधिकारीयों ने स्पष्ट करते हुए बताया कि सभी अहम मूर्तियों को सुरक्षित संस्कृति विभाग में रख दिया गया है। जिसके बाद कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे मणिकर्णिका से हटाई गई मूर्तियों के वास्तविक स्वरूप का निरिक्षण करने गुरुधाम चौराहे पर पहुंचे थे।


हांलाकि उनके पास कोई भी वैधानिक अनुमति नहीं थी इसलिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका और लौट जाने को कहा, लेकिन वो नहीं माने। वहीं पुलिस (Varanasi) के साथ नोकझोक कर जबरजस्ती अन्दर जाने का कोशिश किया तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

