Protest Against Stalin: तमिलनाडु के युवा कल्याण एवं खेलमंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान को लेकर हिंदू संगठन आक्रोशित हैं। इसी बीच हिन्दू इको सिस्टम संगठन की ओर से उदयनिधि स्टालिन का पुतला फूंका गया। साथ ही उनपर जूते और चप्पल बरसाए गए। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश देखने को मिला।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने कहा कि ये जो बेशर्मी भरे बयान व सनातन धर्म के लिए जो ज़हर भरा है, ये हिन्दू विरोधी प्रोपोगेंडा के तहत सोची समझी रणनीति के तौर पर फैलाया जा रहा है। ये इनकी हिंदू विरोधी मानसिकता (Protest Against Stalin) को साफ़-साफ़ दर्शाता है।
राकेश पाण्डेय ने आगे कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने गैर हिंदू धर्म के बारे में कोई टिप्पणी की होती, तो अब तक फ़तवा जारी हो जाता। विश्व के सारे देश आज भारत से सवाल पूछ रहे होते। वेस्टर्न मीडिया ने अब तक भारत के बारे में न जाने क्या क्या घोषणाएं कर दी होती। दुःख इस बात का नहीं है कि कोई ऐसा बयान दे रहाहै। दुःख इस बात का है कि ऐसे बयानों का लोग समर्थन कर रहे हैं।

Protest Against Stalin: स्टालिन के बयान को जस्टिफाई करना शर्मनाक
शर्म की बात तो यह है कि कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी के नेता इस बयान को जस्टिफाई (Protest Against Stalin) कर रहे हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए पी० चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे के पुत्र प्रियंक खडगे भी इस बयान का समर्थन कर रहे हैं।

मैं सनातनियों से आग्रह करता हूँ कि इन सनातन विरोधी, घिनौनी मानसिकता वाले उदंडीयों का कहीं भी, किसी भी देव स्थान पर प्रवेश वर्जित कर देना चाहिए। इनका पूर्णजोर विरोध करना चाहिए। ताकि भविष्य में यदि किसी के मन में विषैले विचार आते भी हैं, तो वे खुद ही उसको घोट ले। यदि इस तरह का कोई भी सनातन विरोधी बाबा विश्वनाथ की पावन भूमि काशी में कदम रखता है, तो उसे लाठी मारकर वापस भेज देना चाहिए। इस दौरान संगठन के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।