वाराणसी। भेलुपुर के चर्चित 1.40 करोड़ रुपए की डकैती (Robbery Case) के मामले में मुख्य आरोपी अजीत मिश्रा उर्फ़ गुरुजी के खिलाफ पुलिस ने गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। भेलुपुर इंस्पेक्टर एवं मामले के विवेचक राजेश सिंह की अर्जी पर बुधवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट शक्ति सिंह की अदालत ने NBW जारी किया।
पुलिस अब अजीत मिश्रा पर ईनाम घोषित करने की तैयारी में लगी है। डीसीपी काशी जोन ने इसके लिए थाने और डीसीआरबी से रिपोर्ट (Robbery Case) मांगी है। दूसरी ओर पुलिस गुजरात के दो हवाला कारोबारियों जगदीश पटेल व ड्राईवर सागर की तलाश में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि भेलुपुर के बैजनत्था क्षेत्र में डकैती के प्रकरण में 5 जून को अजीत मिश्रा समेत 12 अज्ञात पर डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया था। तभी से अजीत फरार है। पुलिस ने इस मामले में अभी तक 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
Robbery Case
डकैती की घटना के पहले तक पुलिस घनश्याम मिश्रा के मंसूबों (Robbery Case) से अंजान थी। प्रयागराज का रहने वाला घनश्याम मिश्रा 27 मई को ही वाराणसी आ गया था। भाजपा में अच्छी सांठ-गांठ होने के कारण वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने उसकी खूब सेवा भाव की। उसे लक्सा के लग्जरी होटल में पुलिस के एक बड़े अफसर ने रुकवाया। वहीं 27 से 29 मई तक पुलिस ने उसकी खूब खातिरदारी की। सूत्रों के मुताबिक, घनश्याम जिस होटल में रुका था, उसी होटल में उससे मिलने पूर्वांचल के एक जिले के एक बड़े अफसर भी आए थे।
बता दें कि घनश्याम मिश्रा को दिल्ली के कनॉट प्लेस के एक आलीशान होटल से क्राइम ब्रांच (Robbery Case) की टीम ने दबोचा था। जब टीम उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तब वह मोबाइल में अफसरों और नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर धौंस जमाने लगा। बावजूद इसके क्राइम ब्रांच की टीम उसे गिरफ्तार करके ले आई।