Mau: रमज़ान के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही घोसी कस्बे एवं आसपास के इलाकों में धार्मिक उल्लास और रूहानी वातावरण देखने को मिला। इस दौरान कई नन्हे बच्चों ने अपना पहला रोज़ा रखकर परिवारजनों व क्षेत्रवासियों का ध्यान आकर्षित किया।
घोसी (Mau) के कस्बा बड़ी बाजार निवासी नवाज़ुद्दीन की 6 वर्षीय पुत्री अफ़ीफ़ा फ़ातिमा ने रमज़ान के पवित्र महीने में अपना पहला रोज़ा रखा। कम उम्र में रोज़ा रखकर अफ़ीफ़ा ने अपने परिजनों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर परिजनों ने उसके उज्ज्वल भविष्य और नेक राह पर चलने की दुआ की।
Mau: नन्हे रोज़ेदारों ने रखा पहला रोज़ा
इसी क्रम में घोसी के करीमुद्दीनपुर में भी रमज़ान की शुरुआत खास रही जहां तीन नन्हे बच्चों ने एक साथ अपना पहला रोज़ा रखा। अलीफा अदनान 8 वर्ष, मोहम्मद अरहम अदनान 7 वर्ष पुत्र-पुत्री मौलाना मोहम्मद अदनान क़ासमी तथा ज़ैनब मक्की 6 वर्ष पुत्री मुफ़्ती मक्की सूफियान ने पूरे उत्साह और संयम के साथ रोज़ा रखा। इस मौके (Mau) पर घर में खुशी का माहौल रहा। परिजनों, रिश्तेदारों एवं परिचितों ने बच्चों को दुआएं दीं और उनके बेहतर भविष्य की कामना की।
वहीं घोसी रेलवे स्टेशन (Mau) रोड निवासी 5 वर्षीय मरियम फ़ातिमा पुत्री सादिक़ ख़ान ने भी रमज़ान के पवित्र महीने में अपना पहला रोज़ा रखा। नन्ही मरियम के रोज़ा रखने पर परिजनों में विशेष खुशी देखने को मिली। परिजनों ने उसके उज्ज्वल भविष्य और नेक जीवन की दुआ की। मानिकपुर असना निवासी 5 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ़ ख़ान पुत्र ज़ियाउल हक़ ने भी रमज़ान में अपना पहला रोज़ा रखा। इतनी कम उम्र में रोज़ा रखकर मोहम्मद यूसुफ़ ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर परिजनों ने अल्लाह तआला का शुक्र अदा करते हुए उसके बेहतर भविष्य की कामना की।
रमज़ान के इस पाक मौके पर नन्हे रोज़ेदारों की इस पहल ने क्षेत्र में धार्मिक वातावरण को और मजबूत किया तथा लोगों के बीच खुशी और सुकून का संदेश दिया। रमज़ान के पवित्र महीने में अल्लाह तआला से मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने की दुआ की गई। दुआ में देश की तरक़्क़ी, आपसी मोहब्बत, आपसी सम्मान और हर वर्ग की खुशहाली की कामना (Mau) की गई, ताकि समाज में शांति, एकता और भाईचारे का संदेश कायम रहे।
