Varanasi: काशी नगरी से भारतीय सेना के साहसी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को संत समाज का आशीर्वाद मिला है। अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पीओके में की गई भारतीय सेना की निर्णायक कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे राष्ट्र और धर्म की रक्षा का पवित्र संकल्प बताया।
स्वामी जितेंद्रानंद (Varanasi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और समस्त सुरक्षा तंत्र को अपना समर्थन देते हुए कहा कि संत समाज हर संकट की घड़ी में सरकार के साथ खड़ा है। हम सभी परिस्थितियों में देश के साथ है। उन्होंने कहा, “हम अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हट सकते — देश की रक्षा सर्वोपरि है।”
Varanasi: तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई की ऐतिहासिक गूंज
उन्होंने कहा कि 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के बाद यह पहला अवसर है, जब भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान के विरुद्ध एकीकृत सैन्य कार्रवाई की है। इस हमले ने 54 साल पहले की उस ऐतिहासिक विजय की यादें ताजा कर दीं, जब भारतीय सैन्य शक्ति के सामने 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था।

