LPG:पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच अमेरिका से एलपीजी (LPG) लेकर एक और कार्गो शिप सुरक्षित रूप से कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंच गया है। इससे देश में गैस आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं को काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
अमेरिका से आया LPG कार्गो
जानकारी के अनुसार, अमेरिका के टेक्सास से चला एलपीजी कार्गो शिप ‘पाइक्विसस पायनियर’ रविवार सुबह मंगलुरु के न्यू मंगलौर पोर्ट पर पहुंचा। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते जहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते गैस (LPG) और तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, वहीं भारत ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए अमेरिका से संपर्क साधा और यह खेप मंगाई।
सप्लाई चेन पर दबाव
पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता टकराव अब गंभीर रूप ले चुका है। बीते दिनों हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस (LPG) आपूर्ति पर पड़ा है, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम जलमार्ग पर, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा ऊर्जा संसाधनों का परिवहन करता है। अमेरिका की ओर से इस जलमार्ग को खुला रखने की कोशिशें जारी हैं, वहीं ईरान ने भी अपनी शर्तों के साथ शांति की बात कही है। ईरान के राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर बिना बाहरी हस्तक्षेप के सुरक्षा व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव दिया है।
साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया है कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और इजरायल को हमले रोकने होंगे और भविष्य में ऐसी कार्रवाई न करने की गारंटी देनी होगी।
भारत के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
हालांकि एलपीजी कार्गो के पहुंचने से भारत को तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं तो ऊर्जा आपूर्ति पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। ऐसे में भारत लगातार वैकल्पिक स्रोतों की तलाश और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है।

