Sonbhadra: पावन चैत्र नवरात्र के आठवें दिन अष्टमी के अवसर पर अगोरी स्थित कुंड वासिनी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें मां के दर्शन के लिए लगी रहीं और पूरा मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा।

अष्टमी तिथि को मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की विशेष पूजा का महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर (Sonbhadra) को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां सुबह मंगला आरती से लेकर दिनभर पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का क्रम चलता रहा। महिलाओं द्वारा देवी गीतों की प्रस्तुति से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

सुरक्षा के किए गए पुख्ते इंतजाम
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई है तथा साफ-सफाई और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों (Sonbhadra) के अनुसार, कुंड वासिनी देवी धाम क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां नवरात्र के दौरान हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

अष्टमी के दिन यहां दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है, जिससे इस दिन श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ जाती है। जुगैल थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि मंदिर में सुचारु रूप से भक्त दर्शन कर रहे है। नवमी के दिन ज्यादा भीड़ रहेगी। इसलिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किया गया है।

Sonbhadra: चाड़ी माता मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
वहीं अष्टमी पर चाड़ी माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर है। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। चाड़ी माता, जिन्हें स्थानीय लोग “चाड़ी माई” के नाम से भी जानते हैं, को सिद्धिदात्री स्वरूप (Sonbhadra) में पूजा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां के दरबार में की गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं का विशेष सैलाब उमड़ता है।
भक्तजन विधि-विधान से पूजा कर नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर रहे हैं। वहीं, महिलाओं द्वारा देवी गीत और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, साथ ही साफ-सफाई और पेयजल की भी उचित व्यवस्था की गई है। मंदिर के लालू पुजारी ने बताया कि चैत्र नवरात्र हमारे लिए बेहद पावन और खास समय होता है। इन नौ दिनों में मां चाड़ी का दरबार भक्तों (Sonbhadra) के लिए पूरी तरह खुला रहता है और दूर-दराज से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।
