Varanasi: धर्म और आध्यात्मिक चेतना की नगरी वाराणसी एक खास आध्यात्मिक ऊर्जा से उस वक़्त भर उठी, जब आर्ट और लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर काशी पहुंचे। उनका यह दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानवता के लिए गहरी चिंता और प्रार्थना का प्रतीक बनकर सामने आया। बाबतपुर एयरपोर्ट से सीधे काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे श्रीश्री रविशंकर का आगमन पूरी तरह वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत हुआ। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही उन्होंने करीब आधे घंटे तक विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।

इस दौरान वे केवल दर्शन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मंदिर परिसर में बैठकर गहन ध्यान और शिव आराधना भी की। उनके इस आध्यात्मिक अभ्यास ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भी एक अलग अनुभूति दी। दर्शन (Varanasi) के बाद उन्होंने कहा, “आज बाबा का भव्य दर्शन हुआ है। मैंने भोलेनाथ से यही प्रार्थना की है कि पूरी दुनिया में शांति बनी रहे और भारत तेजी से प्रगति करता रहे।”

Varanasi: विशालाक्षी मंदिर में मां के चरणों में नमन
बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद श्रीश्री रविशंकर मीरघाट स्थित विशालाक्षी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मां पार्वती के स्वरूप में देवी की विधिवत पूजा की। जैसे ही वे मंदिर से बाहर निकले, उनके अनुयायियों की भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया। हर कोई उनकी एक झलक पाने और उनका आशीवार्द लेने के लिए आतुर नजर आया। मंदिर प्रशासन (Varanasi) ने भी पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र, प्रसाद और रुद्राक्ष की माला भेंट की।

काशी दौरे के दौरान श्रीश्री रविशंकर ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर (Varanasi) में आयोजित एक निजी सत्संग कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। यहां उन्होंने करीब एक घंटे तक अपने शिष्यों को संबोधित किया और आध्यात्मिक ज्ञान साझा किया। उनका यह कार्यक्रम शांति, ध्यान और जीवन के गहरे अर्थों पर केंद्रित रहा। सत्संग के बाद वे वाराणसी से रवाना हो गए। उनके संदेश, प्रार्थनाएं और उपस्थिति ने न केवल श्रद्धालुओं को प्रेरित किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और भाईचारे की आवश्यकता को भी एक बार फिर उजागर किया।

वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान श्रीश्री रविशंकर ने दुनिया में बढ़ते युद्ध और तनावपूर्ण हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पूरी मानवता भय और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है।

