Varanasi: राज्य कर (जीएसटी) आयुक्त डॉ. नितिन बंसल को गुरुवार को सामने पाकर कर अधिवक्ताओं ने करदाताओं की समस्याओं और पीड़ा को रखा। बताया कि स्थानीय जीएसटी कार्यालयों में काफी अनुशासनीहता व्याप्त है। भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया है कि करदाता ही कर अधिवक्ता परेशान है। इस बाबत कर अधिवक्ताओं ने राज्य कर आयुक्त को पत्रक भी सौंपा।
चेतगंज स्थिज राज्य कर के जोनल कार्यालय सभागार में हुई बैठक में स्थानीय बार के पदाधिकारियों, व्यापारिक संगठनों और जीएसटी शिकायत निवारण समिति के सदस्यों ने मुखर होकर अपनी बात रखी। वरिष्ठ कर-अधिवक्ता और जीएसटी शिकायत निवारण समिति के सदस्य आसिम जफर ने राज्य जीएसटी अधिकारियों द्वारा करदाताओं और कर-पेशेवरों के प्रति किए गए अनुशासनहीन व्यवहार और भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण करदाताओं को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनके अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। बैठक के दौरान जीएसटी शिकायत निवारण समिति के सदस्य आसिम जफर ने कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के नाम और संबंधित मामलों की जानकारी आयुक्त को दी और उनसे इन मामलों की जांच की मांग की। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्य जीएसटी अधिकारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए ताकि उनके कर संबंधी ज्ञान में वृद्धि हो सके और इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके।
अन्य वक्ताओं ने भी विभागीय कार्यप्रणाली की खुलकर चर्चा की और समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दिशा में कार्य करने की आवश्यकता को प्रमुखता दी। राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने सभी उपस्थित व्यक्तियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को इस विषय में आवश्यक निर्देश दिए।
Varanasi: कर आयुक्त बोले – समस्याओं को गंभीरता से लिया जायेगा
उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाएगा। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। बैठक में सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद राम त्रिपाठी, वाराणसी टैक्स बार एसोसिएशन के नागेश्वर सिंह ‘महादेव’, आईटीऐटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शुक्ल, शरद त्रिपाठी, अवनीकांत पांडेय, अतुल पांडेय आदि उपस्थित थे।