वाराणसी। आईआईटी BHU छात्रा के साथ दुष्कर्म के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन में शामिल 13 छात्रों के निलंबन के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरूण चौधरी समेत विभिन्न छात्र संगठनों ने बीएचयू के सिंहद्वार पर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू के छात्रों का समर्थन भी प्राप्त हुआ। चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह और सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से निलंबन की कार्रवाई को वापस लेने की मांग की। निलंबित छात्रा चंदा ने कहा कि उन्हें कई सुविधाओं से वंचित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक कमेटी बनाई जाएगी, जो निलंबित छात्रों को अनुशासन सिखाने का कार्य करेगी। चंदा ने सवाल उठाया कि क्या दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना के खिलाफ आवाज उठाना एक अपराध है। उन्होंने यह भी कहा कि बीएचयू जैसी प्रतिष्ठित संस्था में सामाजिक न्याय की बात करने पर कार्रवाई करना गलत है।
छात्र जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि निलंबन के खिलाफ आंदोलन को सभी का समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शन में जेएनयू और डीयू के छात्र संगठनों के पदाधिकारी, एनएसयूआई के अध्यक्ष, सपा कार्यकर्ता, नेता और आम जनता भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब तक निलंबन की कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
सपा विधायक बोले – हम BHU के छात्रों के साथ खड़े
विधायक प्रभुनारायण सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। वे सिर्फ अपने हक के लिए नहीं, बल्कि उन जगहों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, जहां अत्याचार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव समर्थन देने का आश्वासन दिया।