वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्र हॉस्टल की मरम्मत में हो रही देरी से परेशान होकर सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन ऑफिस के सामने धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों को पहले हॉस्टल में ठहराया गया था, लेकिन मरम्मत के बहाने उन्हें वहां से बाहर कर दिया गया। महीनों बीत जाने के बावजूद मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, जिससे छात्रों के सामने आवास की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है, और वे मजबूरन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इससे पहले, छात्रों ने हॉस्टल की समस्या को लेकर सेंट्रल ऑफिस (BHU), छात्र अधिष्ठाता कार्यालय, और डीन से कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। धरने पर बैठे छात्रों में से विपिन कुशवाहा और अंकित कुमार का कहना है कि उन्हें पहले हॉस्टल अलॉट किया गया था, लेकिन मरम्मत के नाम पर उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए मजबूर किया गया।

कई महीनों के बाद भी उन्होंने देखा कि हॉस्टल में मरम्मत का कोई काम नहीं हो रहा है, जबकि दूसरी फैकल्टी के छात्र वहां के मेस में भोजन कर रहे हैं। इस पर उन्होंने फिर से शिकायत की, जिसके जवाब में डीन ऑफिस से उन्हें जल्द ही हॉस्टल मिलने का आश्वासन मिला था। लेकिन अभी तक हॉस्टल नहीं मिलने के कारण उन्हें इधर-उधर या खुले आसमान के नीचे सोना पड़ रहा है।
BHU: हॉस्टल को लेकर सैकड़ों छात्र प्रभावित
इस समस्या से सैकड़ों छात्र प्रभावित हैं, और उनका कहना है कि जब तक उन्हें हॉस्टल आवंटित नहीं किया जाता, वे डीन ऑफिस के सामने धरने पर बैठे रहने और वहीं सोने के लिए मजबूर रहेंगे। अब तक किसी भी अधिकारी ने उनसे मिलने की कोशिश नहीं की है।

