- जनपद में पीएम फसल बीमा में पंजीकृत किसानों से प्राप्त सभी दावों को मंजूरी
- 2302 कृषकों में से 994 के खातों में भेजे कुल 69 लाख 63 हजार 29 रुपये
- प्राप्त आवेदनों पर होगा कुल एक करोड़ 63 लाख 68 हजार 732 का भुगतान
वाराणसी। जनपद में इसी साल बीते मार्च माह में बेमौसम की बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से रबी की फसल को हुई भारी क्षति को देखते हुए दो हजार से अधिक उन अन्नदाताओं को हुए नुकसान की भरपायी मुआवजे तौर पर की जा रही है जिन्होंने फसल बीमा करा रखा है। इस बारे में डीएम एस. राजलिंगम के निर्देश पर सीडीओ हिमांशु नागपाल ने कृषि विभाग और बीमा कंपमनी के अफसरों के माध्यम से टीम लगाकर सर्वेक्षण कराया था। सर्वे में दो हजार से अधिक किसानों से प्राप्त सभी आवेदन सही पाये गये। उनमें से अबतक 994 कृषकों के बैंक खातों में 69 लाख रुपये अधिक की धनराशि भेज दिये जाने का दावा है।
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2021 के रबी सीजन में पांच हजार 602 किसानों की फसलों का बीमा हुआ था। उसके बाद स्कीम के तहत रबी सीजन-2022 में अधिक से अधिक कृषकों को सीडीओ की ओर से तैयार कार्ययोजना के तहत संबंधित खंड विकास अधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारियों को नोडल अफसर नामित कर पंचायतीराज एवं कृषि विभाग से फील्ड में तैनात कर्मचारियों के जरिये दस हजार 544 अन्नदाताओं का बीमा कराया गया। यह कार्य गत वर्ष की तुलना में 188 फीसदी दर्ज की गयी।
इधर, बीते मार्च माह में बेमौसम की मूसलाधार बरसात, आंधी-तूफान और ओला पड़ने जनपद के दो हजार 302 किसानों ने फसलों को हुए नुकसान की भरपायी की मांग की। उन्होंने यह मांग आॅनलाइन और आॅफ लाइन माध्यम ने आवेदन देकर किया था। तब प्रभावित किसानों को उनकी फसलों को पहुंची क्षति का मुआवजा दिलाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी ने फसलों के नुकसान का सर्वे एवं समीक्षा कर सभी दावों को सही पाया।
उस सर्वेक्षण में संबंधित अन्नदाताओं को बीमा कंपनी की ओर से कुल मिलाकर एक करोड़ 63 लाख 68 हजार 732 रुपये का पेमेंट होना है। उनमें से अबतक 994 कृषकों के बैंक खातों में 69 लाख 63 हजार 29 रुपये फसलों की क्षतिपूर्ति की धनराशि भेज दिये जाने का दावा है। इधर, कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि एक समान क्षेत्रफल वाले किसानों को दी गयी मुआवजा राशि में अंतर है।
कुछ कृषकों को हुए पेमेंट पर संक्षिप्त दृष्टि
1. वीरेंद्र कुमार सिंह, आराजी लाइन, खेवली, कपरफोरवा, 334 रुपये
2. ओमप्रकाश, आराजी लाइन, खेवली, कपरफोरवा, 387 रुपये
3. भरतलाल, आराजी लाइन, बसंतपुर, गहरपुर, खरौना, 139 रुपये
4. हरिनाथ, आराजी लाइन, गौरा, पयागपुर, चक मातलदेई, 115 रुपये
5. हीरालाल, काशी विद्यापीठ, सुसवाहीं, अखरी, 226 रुपये
6. आशीष कुमार वर्मा, सेवापुरी, हाथी, तेंदुई, 174 रुपये
9. अंजनी नंदन शर्मा, पिंडरा, 68824 रुपये
10. बसंत सिंह, सेवापुरी, लोहरापुर, लखनसेनपुर, शिवदासपुर, 70762 रुपये
11. रामबली मिश्र, बड़ागांव, बसनी, सगुनहा, 122724 रुपये
12. धर्मराज, बड़ागांव, बसनी, सगुनहा, 125 रुपये
13. उर्मिला, काशी विद्यापीठ, मिसिरपुर, जफराबाद, 104 रुपये
14. रामदुलार, काशी विद्याीपीठ, मिसिरपुर, देल्हना, 130 रुपये
15. प्यारेलाल जायसवाल, चिरईगांव, सिंहपुर, सुल्तानपुर, 739 रुपये
16. रोहन प्रताप सिंह, चिरईगांव, उमरहा, 23813 रुपये
आवेदन न करने वाले बीमित कृषकों के लिए भी हो रही पहल
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत इंश्योर्ड लाभार्थियों को किये जा रहे इस भुगतान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीमा कंपनी की ओर से अबतक लगभग 994 कृषकों के बैंक खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। शेष धनराशि भी अन्य बीमित अन्नदाताओं के अकाउंट में भेजने की कार्यवाही हो रही है। जिन बीमित किसानों ने आॅनलाइन या आॅफलाइन आवेदन नहीं किया है उन्हें भी क्रॉप कटिंग सर्वे से प्राप्त उपज के आधार पर नियमानुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी। श्री मौर्य ने जनपद के सभी कृषकों से अपील की है कि वर्तमान खरीफ सीजन में अपनी फसल सुरक्षा की दृष्टि से फसल का बीमा करा लें। ताकि प्राकृतिक आपदा आदि के कारण यदि उनकी फसल को नुकसान पहुंचे तो उसकी भरपाई कराना संभव हो सके।