Varanasi चौबेपुर। क्षेत्र के पंडापुर गांव के समीप शनिवार की तड़के सुबह वाराणसी-गाजीपुर हाइवे [Varanasi] पर एक तेज रफ्तार कार ने अखबार बांटने वाले हाकरों को रौंद दिया। ये तीनों हाकर चचेरे भाई जिनमें शैल कुमार, संजीत कुमार और प्रमोद कुमार शामिल है। तीनों ढकवा के रहने वाले है और इनमें से शैल व संजीत की मौत हो गई। वहीं प्रमोद गंभीर रूप से घायल होने से कारण इस वक़्त कोमा में है और जिदगी व मौत के बीच जूझ रहा है। सड़क हादसे [Varanasi] में हुए दोनों की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। जहा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

शैल कुमार {36}, संजीत कुमार {35} और प्रमोद कुमार {35} रोजाना की तरह पेपर बाटने के लिए चौबेपुर सेंटर [Varanasi] अखबार लेने जा रहे थे। इसी दौरान पंडापुर मोड पर ये सड़क हादसा हो गया था। जो कोई भी इस घटना को सुनता तो उनके घर ढांढस बंधाने पहुंच जा रहा है। युवकों की मौत के बाद घर में चीख-पुकार मची है।
बताते चलें कि वाराणसी के चौबेपुर [Varanasi] शैल कुमार की शादी लगभग 15 साल पहले हुई थी। उसके तीन बच्चे शिवांगी, रितेश और शुभम हैं पत्नी आरती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। आखिर सोचने वाली बात यह है कि अब उनका सहारा कौन बनेगा। शैल कुमार की पत्नी आरती का भी यही कहना है। किसी तरह से करके परिवार वाले उन्हें सँभालने में लगे है। शैल कुमार अपने घर में इकलौता कमाऊ सदस्य था उसके पिता और भाई की पहले ही मौत हो चुकी है।

संजीत कुमार के दो बेटे पियूष और देवांश के अलावा एक बेटी शिखा के साथ है उनकी पत्नी सुनीता का भी बुरा हाल है। शैल कुमार और संजीत कुमार का शव शनिवार देर उनके घर पहुंचा।
वहीं स्थानीय अजगरा विधायक [Varanasi] त्रिभुवन राम ने पीड़ित परिवारों के घर वालो से बातकर हर संभव मदद करने की बात कही है और जल्द घर आकर परिजनों से मिलने का वादा भी किया है इसके साथ ही इस दौरान बसपा नेता रघुनाथ चौधरी सीताराम त्यागी साहित आदि लोग पीड़ित के घर शोक जताने पहुंचे रहे।
Varanasi: ये है पूरी घटना
बता दें कि क्षेत्र के पंडापुर गांव के समीप शनिवार की तड़के सुबह करीब 6 बजे वाराणसी-गाजीपुर हाइवे पर एक तेज रफ्तार कार ने अखबार बांटने वाले हाकरों को रौंद दिया। ये तीनों हाकर चचेरे भाई थे। तीनों अलग-अलग साइकिल से चौबेपुर सेंटर [Varanasi] पर अख़बार का बंडल लेने आ रहे थे। इतने में अनियंत्रित कार ने उन्हें टक्कर मार दी जिससे दो हाकरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया है।

यहीं पुलिस ने कार को कब्जे लेते हुए चालक को हिरासत में ले लिया हैं। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश नजर आया उन्होंने आर्थिक सहायता व परिजनों [Varanasi] को नौकरी की मांग के लिए सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया था। इस दौरान तीन घंटे तक चले जाम के कारण आवागमन बाधित हो गया। अधिकारियों के आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर जाम खत्म हुआ।

