UGC को लेकर आए नए नियम ‘इक्विटी रेगुलेशन’ ने पुरे देश में एक नया विवाद छेड़ दिया है। सवर्ण समाज के साथ-साथ छात्र-छात्राएं इसका जमकर विरोध कर रहे हैं। वहीं वाराणसी में भी इसका पुरजोर विरोध देखने को मिल रहा है। महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में UCG एक्ट के विरोध में छात्रों ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं, आक्रोशित छात्रों ने कैम्पस के आठ संकायों में तालाबंदी कर दिया और सभी विभागों की परीक्षाओं को रोक दिया, जिसके बाद परीक्षाएं रद्द कर दी गई। इस दौरान छात्रों ने गेट के पास एकजुट होकर इस कानून के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों के प्रति आवाज को बुलंद किया।
UGC के विरोध में छात्रों ने मुख्य गेट पर लगाया ताला
काशी विद्यापीठ के मानविकी संकाय गेट के पास सभी छात्र इकठ्ठा हुए। उन्होंने संकाय को बंद कराया। छात्रों ने अपने हाथों में यूजीसी गो बैक और यूजीसी काला कानून वापस लो के पोस्टर लिए रखे थे। उन्होंने छात्रों ने यूजीसी गो बैक के नारे लगाए। मुख्य गेट पर भी छात्रों ने ताला लगा दिया।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा पारित UGC एक्ट 2026 के विरोध में बुधवार को MGKVP के छात्रों संगठनों का यह आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नया UGC बिल विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सीधा हमला है और इससे शिक्षा व्यवस्था का केंद्रीकरण होगा। छात्रों ने आरोप लगाया कि इस बिल से शिक्षकों और छात्रों—दोनों के अधिकार सीमित होंगे और निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह केंद्र के हाथ में चली जाएगी।
छात्रों के इस प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस फ़ोर्स को तैनात कर दिया गया है। किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना ना घटित होने पाए इसको देखते हुए प्रशासन पुरे तरह से अलर्ट मोड पर है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

