वाराणसी। असमर्थता में भी सामर्थ्य प्रदर्शन का अद्भुत नजारा शनिवार की शाम जिसने भी देखा, अवाक रह गया। जिसने नहीं देखा वो सोच भी नहीं सकेंगे कि क्या नेत्रहीन, मूक, बधिर और अपंग बच्चे ऐसा भी कर सकते हैं? सुन नहीं सकते लेकिन संगीत दे रहे हैं। चल नहीं सकते झूम-झूमकर शास्त्री, उपशास्त्रीय, लोक और फ्यूजन डांस कर रहे हैं। भाव-भंगिमाएं दे रहे हैं। वाकई यह यादगार अवसर था।

सिगरा स्थित रुद्राक्ष सभागार में शाम को यूपी समेत छह राज्यों के दिव्यांग कलाकारों ने ‘दिव्य कला शक्ति’ कार्यक्रम के तहत जो कुछ भी पेश किया वह न सिर्फ गहरी छाप छोड़ गया बल्कि जो शारीरिक रूप से हरएक स्तर पर सक्षम हैं उनके लिए सब रहा कि दिल में जज्बा और कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो क्या नहीं किया जा सकता। आयोजन में कोलकाता की रिनी भट्टाचार्जी का पैर से पियानों बजाना, झारखंड की अनन्या भारद्वाज का गायन, बिहार की शाइस्ता परवीन के गीत, नृत्य में सत्या-सागरिका का सामंजस्य ही नहीं अन्य प्रस्तुतियों ने प्रशंसा तो बटोरी, साथ ही उनके प्रयासों को देख तमाम दर्शकों की आंखें सुखद अनुभव से नम भी हुईं।

आयोजन में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विवि चित्रकूट के बच्चों द्वारा ‘ओम नम: शिवाय’ से आरंभ गीत में योग और नृत्य का संगम और उसमें कई कठिन ब्लॉक बनाते हुए तय समय सीमा के भीतर प्राणायाम का भी प्रदर्शन अत्यंत श्रमसाध्य पूर्वाभ्यास और असीमित आत्मविश्वास का परिचायक रहा। इसके अलावा ‘ये आंगन ये द्वारे’ गीत से शुरु क्लासिकल, सेमी क्लासिकल, फोक और फ्यूजन डांस की प्रस्तुति मानो दिव्यांग कलाकारों के सफल प्रयासों का चरम था। कार्यक्रमों में कोरोक बिस्वास, मानसी श्रीवास्तव, रिंपा रॉय आदि कलाकार भी थे।

तारीफ उनकी भी जिन्हों ने बेहद धैर्य के साथ सभी प्रस्तुतियां तैयार करायीं। सभी प्रस्तुतियों का संयोजन सुविख्यात नृत्यांगना रानी खामन के निर्देश में था। कार्यक्रम में किरण सोसाइटी, झारखंड दिव्यांग समिति, इंस्टीट्यूट फॉर दि हैंडीकैप्ड एंड बैकवर्ड पिपल, नववाणी, जीवन ज्योति विशेष विद्यालय आदि के बच्चों के प्रस्तुतियां रहीं। मंच संचालिका ज्योति सिंह ने बेहतरीन स्क्रिप्ट के साथ स्टेज पर अपना अच्छा होमवर्क भी दिखाया। अंत में ज्योति के आह्वान पर दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने अपने अपने मोबाइल फ़ोन के टॉर्च जलाकर दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव राजेश अग्रवाल के आोजन की सराहना करते हुए दिव्यांगजनों के लिए अधिक से अधिक कार्यक्रम करने की सलाह दी ताकि ऐसे बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। इस मौके पर डीएम एस. राजलिंगम एवं सीडीओ हिमांशु नागपाल की विशिष्ट उपस्थिति रही।





