UP Crime: संभल जिले के एक बेहड ही दर्दनाक और प्यार भरे रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आयी है। एक महिला ने अपने अवैध संबंधों के कारण पति की जान ले लिया। ये अपराध उसने अकेले नही किया, बल्कि अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलाकर इस वारदात को अंजाम दिया। वहीं हत्या के आरोप से बचने के लिए उसने पति के गुमशुदा होने की रिपोर्ट भी कर दिया, लेकिन छह दिन बाद एक अज्ञात मिले शव ने पुरे मामले का खुलासा कर दिया।
दरअसल, 15 दिसंबर के दिन पतरौआ रोड स्थित ईदगाह के पास नाले में एक युवक का शव मिलने से इलाके में दहशत फैल गयी। मौके पर पुलिस (UP Crime) ने आकर जाँच किया तो शव की पहचान रजपुरा थाना के क़स्बा निवासी राहुल (40) के रूप में हुई। उसके बाजु पर उसका नाम गुदा हुआ था, जिससे उसकी पहचान हो सकी।
हत्या के बाद गुमशुदगी की चालाकी
हांलाकि पिछले महीने एक गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जो उसकी पत्नी (रूबी) ने 24 नवम्बर को कराया था, लेकिन जब शव मिला तब जांच के दौरान पता चल की 18 नवम्बर से ही लापता हुआ था। वहीं पुलिस को शुरू से ही पत्नी की भूमिका संदिग्ध लगी, जिसके बाद गहन जांच शुरू की गई।
इस कार्यवाही के दौरान रविवार को पुलिस (UP Crime) ने उसके घर पर दुबारा पहुंची और तलाशी लेकी शुरू कर दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची और घर से स्कूटी, बैग, शौचालय का ब्रुश, लोहे की रॉड और बिजली हीटर जैसे अहम सबूत बरामद किए। पुलिस का कहना है कि ये वो हथियार हो सक्लते हैं जिस से राहुल की हत्या कर उसके टुकड़े किये गये थे।
UP Crime:लाश के किये टुकड़े
वहीं शव के टुकड़े कर उसे अलग अलग स्थानों में फेंका गया था। पुलिस जाँच में जुटी हैं। साथ ही पत्नी (रूबी), उसके प्रेमी और एनी तीन साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
मासूम ने किया खुलासा
इस मामले में सबसे तीखा मोड़ तब आया, जब मृतक की बच्ची (10) ने चूका देने वाला खुलासा किया। बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता के बीच अक्सर झगड़े होते थे। वहीं गौरव, सौरभ व अभिषेक नाम के लोग पिता की गैरमौजूदगी में घर आते थे। बेटी के अनुसार, अभिषेक अक्सर कहता था- “बस कुछ महीने की बात है, फिर मैं ही तुम्हें पा लूंगा, बच्ची ने बताया कि जब भी ये लोग आते, तब सभी बच्चों को किसी बहाने कमरे से बाहर भेज दिया जाता था।
बच्चों की गैर मौजूदगी में वारदात को अंजाम
वहीं बच्ची ने बताया कि पिता के साथ हुए वारदात के वक़्त वो और उसका भाई स्कुल गये हुए थे। साथ ही पिता के गुमशुदा की खबर के बाद से गौरव और अभिषेक का आना जान अक्सर होता था। जब वे इन लोगों को घर आने से रोकते थे तो मां उन्हें धमकाती थी।
पिता के हत्या की खबर को सुनकर मासूम ने पुलिस से गुजारिश किया कि माँ और उसके सभी साथियों को फंसी मिलनी चाहिए। उसने साफ कहा- “मेरी मां को ले जाओ और तीनों लड़कों को भी ले जाओ, सभी को सजा मिलनी चाहिए।” बच्ची का बयान इस केस की सबसे मजबूत कड़ी बनकर सामने आया है।

