UP Crime: कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र अंतर्गत मंधना कस्बे से एक बड़ी ही शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आयी है। वाराणसी से आयी एक युवती की मदद करने के बहाने 3 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। 16 वर्ष की किशोरी संग हुए इस दिल दहला देने वाली घटना ने पुरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामले की सुचना मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। शुक्रवार को दो आरोपियों की गिराफ्त्तरी कर लिया गया। हांलाकि तीसरे आरोपी लॉज मालिक का बेटा पदम तिवारी की गिरफ्तारी पहले ही हो गयी है।
वाराणसी कैंट क्षेत्र की किशोरी मंगलवार रात कानपुर में अपने भाई का पत ढूढ़ रही थी। इसी बीच मंधना बाजार के पास आरोपी पदम तिवारी लॉज के मालिक का बेटा उसे मिला और उसे रातभर रुकने के लिए कमरा दिलाने का झांसा देकर ओपने साथ कुरसौली रोड दाईं पुरवा मोहल्ले के अपने मकान में ले गया। वहीं उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर किशोरी को बंधक बना उसके संग दुष्कर्म (UP Crime) किया।
सुबह पड़ोसी किरायेदार ने कमरे से लड़की के रोने व कराहने की आवाज सुनकर कमरे को खोलकर देखा। बदहवास हालत में पड़ी एक युवती को देख उसने पुलिस को सूचना दिया। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया और मौके से सभी साक्ष्यों को जुटाने लगी। जिसके बाद किशोरी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने पदम तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।
UP Crime: परिजनों के डर नहीं बताया नाम
मिली जानकारी के अनुसार एफआईआर में पीड़िता ने परिजनों के डर से अपना नाम दूसरा नाम लिखाया था। वहीं उससे पूछताछ हुई तो उसने सही जानकारी दी। वह दिसंबर में पहले भी घर से लापता हो गई थी। कुछ ही दिन बाद लौट आई थी। माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों की डांट की वजह से मंडुवाडीह स्थित ननिहाल में रह रही थी। करीब पांच दिन पहले वहां से लखनऊ और फिर कानपुर आ गई थी।
वहीं गिरफ्तार अन्य आरोपियों (UP Crime) की पहचान नितेश दुबे उर्फ बिल्लू और निहाल सिंह के रूप में हुई है। हांलाकि पुलिस ने आरपीएफ से सेंट्रल स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज मांगे हैं, ताकि किशोरी किस समय और कौन सी ट्रेन से आई इसका पता लग सके है। इसके अलावा उसके साथ कोई और तो नहीं था इसका भी पता लगाया जाएगा। बताते चलें कि पुलिस अधिकारी (UP Crime) किशोरी की मनोस्थिति जानने के लिए उसे चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से दिखवाएंगे। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट पीड़िता के मन की बात जानेंगीं। महिला पुलिस और मिशन शक्ति टीम की पूछताछ में उसने गोलमोल जवाब दिए हैं।
पुलिस यह जानना चाह रही है कि आखिर क्या कारण है कि किशोरी अपने घर नहीं जाना चाह रही है। माता पिता से बात भी नहीं करना चाह रही है। पुलिस अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि आरोपियों ने कोई धमकी तो नहीं दी है।

