UP: चलती ट्रेन में साजिश का हमला? अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण के बीच आशुतोष ब्रह्मचारी (UP) पर जानलेवा हमलारविवार की सुबह का शांत सफर अचानक दहशत में बदल गया, जब रीवा एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे आशुतोष ब्रह्मचारी पर एक अज्ञात हमलावर ने जानलेवा हमला कर दिया। चलती ट्रेन में हुए इस हमले ने यात्रियों के बीच सनसनी फैला दी और देखते ही देखते पूरे डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर ने धारदार हथियार से आशुतोष ब्रह्मचारी के चेहरे और हाथ पर कई वार किए और उनकी नाक काटने की भी कोशिश की। अचानक हुए इस हमले से ट्रेन (UP) में मौजूद यात्रियों में डर और घबराहट का माहौल बन गया।
सुबह पांच बजे हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार सुबह करीब पांच बजे उस समय हुई जब रीवा एक्सप्रेस फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी। आशुतोष ब्रह्मचारी प्रयागराज जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति अचानक उनके पास पहुंचा और धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमलावर ने बेहद तेजी से कई वार किए, जिससे आशुतोष ब्रह्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
खून से लथपथ हालत में दिखाई सूझबूझ
हमले के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर से काफी खून बहने लगा। इस भयावह स्थिति में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी सूझबूझ से खुद को बचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि उन्होंने तुरंत ट्रेन के टॉयलेट में जाकर खुद को अंदर से बंद कर लिया, जिससे हमलावर आगे हमला नहीं कर सका। खून से लथपथ हालत में भी उन्होंने खुद को संभाले रखा और किसी तरह मदद मिलने तक खुद को सुरक्षित बनाए रखा।
टॉयलेट में छिपकर पुलिस को दी सूचना
टॉयलेट में सुरक्षित होने के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने तुरंत जीआरपी को फोन कर पूरी घटना (UP) की जानकारी दी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने पुलिस को हमले का विस्तृत विवरण दिया, जिससे मामले की गंभीरता तुरंत सामने आ सकी। सूचना मिलते ही जीआरपी हरकत में आ गई और घटना की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस हमलावर की पहचान और उसकी तलाश में जुट गई है।
UP:पुराने विवाद के कारण बढ़ी चर्चा
यह घटना (UP) इसलिए भी ज्यादा सुर्खियों में आ गई है क्योंकि आशुतोष ब्रह्मचारी ने हाल ही में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसी कारण यह हमला अब कई तरह की चर्चाओं और सवालों के केंद्र में आ गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे असली वजह क्या है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया हमले का पूरा घटनाक्रम
घटना (UP) के बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के पश्चात आशुतोष ब्रह्मचारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह अपने गृह जनपद शामली से आ रहे थे और गाजियाबाद से प्रयागराज के लिए ट्रेन में सवार हुए थे। उन्होंने बताया कि सुबह करीब पांच बजे पेट में दिक्कत होने पर वह शौच के लिए गए। उसी समय खिड़की के पास खड़ा एक युवक अचानक उन पर टूट पड़ा और धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावर ने कहा कि तुमने हमारे गुरु शंकराचार्य के खिलाफ मुकदमा लिखवाया है, हम तुम्हें मार देंगे और तुम्हारी नाक काट लेंगे। आशुतोष ने बताया कि उन्होंने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की और फिर बाथरूम में घुसकर अपनी जान बचाई।
पीछा किए जाने का भी जताया शक
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि घटना के समय उनके साथ श्री कृष्ण सेना के प्रांतीय संयोजक भी थे, हालांकि हमले के समय वह अकेले थे। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कुछ लोग गाजियाबाद से ही उनका पीछा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को पूरी घटना से अवगत करा दिया गया है, लेकिन अब तक हमलावर पकड़ा नहीं गया है और वह फरार हो गया है। आशुतोष ने आरोप लगाया कि यह पूरा हमला अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा ही कराया गया है।
इनाम और साजिश का लगाया आरोप
हमले को अविमुक्तेश्वरानंद से जोड़ते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि जिसने इतना बड़ा अपराध किया है और जिस पर नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म के आरोप हैं, उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नाक काटने के लिए 21 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था और अब इस हमले से यह बात साबित भी हो गई है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शरीर पर कई जगह आई गंभीर चोटें
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि हमले में उनके चेहरे पर दो जगह चोट आई है, जबकि हाथ, गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गंभीर घाव हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें न्याय मिले।
सुरक्षा की मांग और कानूनी लड़ाई
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए क्योंकि लगातार उन पर हमले हो रहे हैं और ऐसे में सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय का भी आदेश है, फिर भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि हमलावर ने जिस हथियार से हमला किया, वह उस्तरा या चाकू जैसा धारदार हथियार था।
प्रयागराज आने के सवाल पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि वह कानूनी पैरवी के सिलसिले में यहां आ रहे थे। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि का मामला 12 तारीख को लगा है और पोक्सो एक्ट के मामले में भी माननीय उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत वह प्रयागराज जा रहे थे, तभी रास्ते में उन पर यह हमला हुआ।

