UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कोडीनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं के अवैध भंडारण, बिक्री और डायवर्जन के खिलाफ प्रदेश-व्यापी अभियान चलाया। तीन माह की कार्रवाई में 52 जिलों में 332 से अधिक थोक औषधि प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इसमें 36 जिलों की 161 फर्मों पर एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 700 करोड़ से अधिक की संदिग्ध आपूर्ति जांच के दायरे में है।
बड़ी मात्रा में सिरप की आपूर्ति
एफएसडीए की जांच में सामने आया कि कई राज्यों में सुपर-स्टॉकिस्ट और होलसेलर के बीच सांठ-गांठ के जरिए कफ सिरप (UP) का अवैध डायवर्जन किया जा रहा था। बड़ी मात्रा में सिरप की आपूर्ति हुई, लेकिन रिटेल स्तर पर उसके चिकित्सीय उपयोग के प्रमाण नहीं मिले। वर्ष 2024-25 में सिरप की सप्लाई वास्तविक आवश्यकता से कई गुना अधिक पाई गई।
79 मुकदमे दर्ज कर 85 आरोपित गिरफ्तार
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने अब तक 79 मुकदमे दर्ज कर 85 आरोपित गिरफ्तार किए हैं। कोर्ट ने भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई को सही ठहराते हुए कई रिट याचिकाएँ खारिज की हैं।
सरकार (UP) अब लाइसेंसिंग प्रणाली को कड़ा करने जा रही है, थोक प्रतिष्ठानों की जीओ-टैगिंग, भंडारण क्षमता का सत्यापन, फोटो रिकॉर्ड और टेक्निकल स्टाफ के प्रमाणपत्रों के अनिवार्य सत्यापन जैसे प्रस्ताव भेजे गए हैं। साथ ही, केंद्र सरकार से निर्माण और वितरण की निगरानी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

