उत्तर प्रदेश (UP News) में चाइनीज मांझे से हुई लगातार मौतों ने सरकार को कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। राजधानी लखनऊ के दुबग्गा निवासी 33 वर्षीय मोहम्मद शोएब की दर्दनाक मौत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को झकझोर दिया। उन्होंने साफ कहा कि अब चाइनीज मांझे से हुई मौत को हत्या माना जाएगा और पुलिस को प्रदेशव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सवाल उठाया कि प्रतिबंधित होने के बावजूद यह खतरनाक मांझा बाजार में कैसे बिक रहा है। उन्होंने पुलिस (UP News) प्रमुखों को छापेमारी करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। साथ ही उच्च स्तरीय समीक्षा की बात भी कही, ताकि इस पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। सरकार का मानना है कि इस सख्ती का सकारात्मक असर जल्द दिखाई देगा।
UP News: मौतों की लंबी सूची
लखनऊ के हैदरगंज ओवरब्रिज पर मोहम्मद शोएब की मौत ताजा घटना है, लेकिन यह अकेली नहीं। जौनपुर में डॉक्टर समीर हाशमी की जान गई। मेरठ में 2026 में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। शाहजहांपुर में अक्टूबर 2025 में रवि शर्मा की मौत हुई। जनवरी 2025 में ड्यूटी (UP News) पर जा रहे कांस्टेबल शाहरुख हसन की गर्दन चाइनीज मांझे से कट गई। अलीगढ़ में सितंबर 2025 में सलमान नामक युवक की जान गई। इस बार मकर संक्रांति पर देशभर से गला कटने और मौत की खबरें आईं, जबकि कई लोग घायल हुए। यह सिलसिला बताता है कि खतरा कितना व्यापक है।
खतरनाक मांझे की असलियत
चाइनीज मांझा जिसे प्लास्टिक या सिंथेटिक मांझा भी कहा जाता है, पारंपरिक सूती मांझे से बिल्कुल अलग होता है। यह बेहद तेज़ और जानलेवा होता है। इसके लिए नायलॉन, पॉलिएस्टर या अन्य सिंथेटिक धागे का इस्तेमाल किया जाता है। उस पर कांच और धातु के बारीक (UP News) कण चढ़ाए जाते हैं, जिनमें एल्युमिनियम पाउडर, स्टील, आयरन पाउडर या टंगस्टन कार्बाइड शामिल होता है। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन किसी भी शरीर को चीरने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि कई शहरों में इस पर पहले से ही प्रतिबंध है।

