UP News: आजकल फ़ास्ट फूड का चलन ऐसा चला है कि हर बच्चे को इसका चस्का रहता है। बिना फ़ास्ट फ़ूड खाए बच्चों के जीवन का मानों एक भी दिन नहीं गुजरता। लेकिन यहीं फास्ट फूड किसी बच्चे के जानलेवा साबित होगा, ये शायद ही किसी ने सोचा होगा। एक ऐसा ही मामला यूपी के अमरोहा जिले सामने आया है, जहाँ11वीं की छात्रा अहाना की फास्ट फूड खाने से मौत हो गई।
छात्रा की मौत के बाद यह दावा सामने आया कि वह लंबे समय से मैगी, पिज्जा और पास्ता जैसे जंक फूड ही खाती थी, जिसकी वजह से उसकी आंतें चिपक गईं, उनमें छेद हो गया और आखिरकार उसकी जान चली गई। परिजनों के इस बयान के वायरल होने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि क्या सच में जंक फूड आंतों को “चिपका” देता है?
इस मामले पर एम्स दिल्ली के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शालीमार का कहना है कि यह दावा भ्रामक हो सकता है। उन्होंने कहा कि फास्ट फूड certainly स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, लेकिन “आंतें चिपकने” जैसी बात सीधे-सीधे जंक फूड से होना पहली बार सुना है। उनके मुताबिक आंत फटने या अंदरूनी संक्रमण जैसी जटिलताओं के पीछे अन्य चिकित्सा कारण भी हो सकते हैं — और मौत की वजह का पता लगाना मेडिकल रिपोर्ट के बिना संभव नहीं।
डॉ. शालीमार ने समझाया कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और जंक फूड का अधिक सेवन शरीर को जरूरी पोषण से वंचित कर देता है। इससे:-
- खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है,
- मोटापा और फैटी लिवर का खतरा बढ़ता है,
- लिवर डैमेज और पाचन तंत्र की गड़बड़ियां हो सकती हैं,
- और लंबे समय में हृदय पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
- ऐसे लोग देखने में मोटे होते हैं, लेकिन असल में कुपोषित भी हो सकते हैं।
UP News: कितना जंक फूड“सेफ” है?
विशेषज्ञ कहते हैं कि जितना हो सके बचें। अगर कभी-कभार खाना ही है, तो महीने में एक बार स्वाद के लिए लें, आदत न बनाएं। बच्चों को खासतौर पर इससे दूर रखना जरूरी है। संतुलित और सुरक्षित आहार (UP News) के लिए घर का बना खाना, फल, सब्जियां, दाल, सलाद और प्रोटीन-युक्त भोजन बेहतर है।
जंक फूड निश्चित रूप से खतरनाक है, लेकिन किसी भी गंभीर बीमारी या मौत के कारण का सही निष्कर्ष केवल मेडिकल जांच (UP News) से ही लगाया जा सकता है। इसलिए अफवाहों पर भरोसा न करें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

