उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा (UP SI exam) में आया एक प्रश्न अब विवाद का विषय बन गया है। इस प्रश्न इसमें चार विकल्प दिए गये थे जिसमें से एक ‘पंडित’ भी था। जिससे ब्राहमण वर्ग को अपमानित करने की बात कही जा रही है। इसी विवाद को लेकर आज वाराणसी के जिला मुख्यालय में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड का पुतला भी फूंकने की कोशिश किया गया। हांलाकि वहां तैनात पुलिस टीम ने पुतला को जलाने से रोक दिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। पुतला दहन न होने के बावजूद, सभी अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय के सामने नारे लगते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड (UP SI exam) का भारी विरोध किया। इस दौरान सभी ने अपने हाथों में तख्ते पकड़े हुए थे, जिस पर ‘ब्राह्मणों का अपमान बंद करो’ लिखा हुआ था।

वहीं अधिवक्ता श्रीपति मिश्रा के कहा कि पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दिन दयाल उपाध्याय, पंडित अटल बिहारी और हजारों लाखों ब्राह्मणों द्वारा तैयार की गई बीजेपी पार्टी और देश के प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं तो इनके रहते इस तरह से ब्राहमण समाज का अपमान कैसे हो रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि ब्राह्मणों का अपमान न किया जाए।
अधिवक्ता आलोक कुमार का कहना है कि बीजेपी की सरकार में इस तरह से ब्राह्मणों को लगातार अपमानित किया जा रहा है। ‘घुसखोर पंडत’, बटुकों की चोटी काटी गयी, इस तरह से ब्राह्मणों को बार-बार अपमानित करना सही नही है। इस मुद्दे पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे ब्राहमण समाज के कल्याण के नाम पर ही डिप्टी सीएम बने थे।
UP SI exam: क्या है मामला
दरअसल, एक प्रश्न (UP SI exam) के उत्तर में एक जाति को शामिल कर दिया गया है। परीक्षा में पूछे गए इस प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन करना था। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे।
इसमें चार विकल्पों में पहला है पंडित, दूसरा अवसरवादी, तीसरा निष्कपट और चौथा सदाचारी। तीन विकल्प तो किसी व्यक्ति के गुण या अवगुण के होते हैं लेकिन एक विकल्प एक जाति से जुड़ा हुआ था। जिसे लेकर भरी विवाद उठा है।

