UP में सरकारी नौकरी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर शिक्षिका बनी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस (UP) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। फिलहाल एलआईयू सहित पुलिस की तीन टीमें मामले की पड़ताल में जुटी हैं और जल्द ही जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की संभावना है।
मामला अजीमनगर (UP) थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां शहर कोतवाली क्षेत्र के आतिशबाज मोहल्ला निवासी अख्तर अली की बेटी फरजाना के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, फरजाना का निकाह 17 जून 1979 को पाकिस्तान के सिबगत अली से हुआ था। शादी के बाद वह पाकिस्तान चली गई थी, जहां उसने पाकिस्तानी नागरिकता भी हासिल कर ली। इसी दौरान उसकी दो बेटियां भी पैदा हुईं।
करीब तीन साल बाद तलाक के बाद फरजाना दोनों बेटियों के साथ रामपुर (UP) स्थित अपने मायके लौट आई। वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रहने को लेकर वर्ष 1983 में एलआईयू की ओर से उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
UP:शिक्षिका ने छुपायी पाकिस्तानी नागरिकता
इसके बावजूद, पाकिस्तानी नागरिकता की जानकारी छिपाकर फरजाना ने 22 जनवरी 1992 को सरकारी शिक्षिका की नौकरी हासिल कर ली। बाद में एलआईयू की जांच में यह तथ्य सामने आने पर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
शासनादेश के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना देवी की ओर से अजीमनगर (UP) थाने में तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले पर एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि एलआईयू समेत तीन टीमें पूरे प्रकरण की जांच कर रही हैं। सभी दस्तावेजों और तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है और जल्द ही मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जाएगी।

