Us-Iran-Ceasefire: ईरान- इजराइल और अमेरिका के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आयी है। 40 दिन से जारी जंग के बाद आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और आगे बातचीत शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, जमीनी हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। युद्धविराम (Us-Iran-Ceasefire) की घोषणा के सामने आते ही कच्चे तेल की क़ीमतों में तेज गिरावट देखि गयी है।

सीजफायर के पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो वह उसकी पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। साथ ही अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी हमले की धमकी दी थी।
आपको बता दें कि न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल के बाद संभव हो पाई। पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया। इस समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे। साथ ही ईरान भी हमले बंद करेगा। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की मदद से सुनिश्चित की जाएगी।
Us-Iran-Ceasefire: युद्धविराम के लिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव
बताते चलें कि ट्रम्प द्वारा मंगलवार को दी गयी चेतावनी के डेडलाइन से कुछ घंटे पहले ही सीजफायर की खबर सामने आयी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर होर्मुज़ स्ट्रेट पर जहाज़ों की आवाजाही फिर शुरू होती है, तो वो ईरान के साथ युद्धविराम (Us-Iran-Ceasefire) पर सहमत हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा, अगर ईरान पर हमले रोक दिए जाएं तो वो भी लड़ाई रोकने के लिए तैयार हैं। ईरान ने युद्धविराम के लिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है। इसमें लड़ाई रोकने के साथ-साथ मुआवज़े की मांग भी शामिल है।
ईरान की 10 मांगें
1- अमेरिका भविष्य में दोबारा हमला न करने की गारंटी देगा
2- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण जारी रहेगा
3- ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार किया जाए
4- सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना
5- सभी द्वितीयत प्रतिबंधों को हटाना
6- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना
7- अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को खत्म करना
8- ईरान को पहुंचाए गए नुकसान के लिए मुआवजे का भुगतान
9- क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी
10- लेबनान में इस्लामी प्रतिरोध (हिजबुल्लाह) समेत सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति
इस युद्धविराम (Us-Iran-Ceasefire) पर इसराइल ने कहा है कि वह ट्रंप के ईरान पर हमले रोकने के फ़ैसले का समर्थन करता है, लेकिन यह दो हफ़्ते का सीज़फ़ायर लेबनान पर नहीं लागू होगा। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के मुताबिक़ सीज़फ़ायर की शर्तों में लेबनान पर भी हमले रोकना शामिल है।
आपको बताते चलें कि पाकिस्तान ने दोनों पक्षों (Us-Iran-Ceasefire) को शुक्रवार के दिन बातचीत के लिए बुलाया है। जिसके बाद इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होगी। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वालीकी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत करेगा। हालांकि सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की तरफ से यह भी कहा गया कि वार्ता युद्ध के अंत का संकेत नहीं देती।




