Varanasi: गंगा पर हाल ही में एक बड़ा हादसा टल गया। एक मोटरबोट ने एक छोटी नाव को टक्कर मार दी, जिससे नाव पानी में डूब गई। नाव में सवार पाँच श्रद्धालु डूबने ही वाले थे कि स्थानीय नाविकों ने साहस दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की सांस तो सबने ली, लेकिन इस घटना ने प्रशासन को झकझोर दिया और सुरक्षा इंतज़ामों की पोल खोल दी।
दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने घटना के बाद तुरंत जल पुलिस (Varanasi) की टीम के साथ गंगा में पेट्रोलिंग शुरू की। उन्होंने नाविकों को सख्त चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी। बिना लाइफ जैकेट किसी यात्री को बैठाना सख्त मना है और जो भी नाविक इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
लाइफ जैकेट और सुरक्षा नियमों पर ज़ोर
एसीपी ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए जल पुलिस चौकी पर मीटिंग की गई है। इसमें स्थानीय नाविकों, NDRF और जल पुलिस (Varanasi) को शामिल कर निर्देश जारी किए गए हैं। हर यात्री को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा और नाविकों को तय रूट का पालन करना होगा।
Varanasi: प्रदूषण फैलाने वाली नावों पर रोक
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जो नावें प्रदूषण फैला रही हैं, उनका संचालन बंद किया जाएगा। अगर कोई नाविक ऐसी नावों का इस्तेमाल करता पाया गया तो उस पर इंफोर्समेंट की कार्रवाई होगी और नाव सीज कर दी जाएगी।
लगातार पेट्रोलिंग और कानूनी कार्रवाई
जल पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार पेट्रोलिंग करें और नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई करें। एसीपी ने कहा कि BNS के तहत अभियोग पंजीकृत किए जाएंगे और दोषी नाविकों की नावें सीज की जाएँगी। प्रशासन (Varanasi) ने यह भी संकेत दिया कि यह अभियान अब नियमित रूप से चलेगा ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गंगा की लहरों पर श्रद्धालुओं की जान बचाने वाली घटना ने प्रशासन (Varanasi) को चेताया है। अब सख्त नियम और लगातार पेट्रोलिंग से यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि श्रद्धालु सुरक्षित रहें और गंगा की गोद में आस्था का सफर किसी हादसे में तब्दील न हो।

