Varanasi: शहर में रविवार को कांग्रेस के आंदोलन ने सियासी तापमान को गरमा कर रख दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को लेकर निकलने वाले मार्च को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल खुद सड़कों पर उतर आए। उन्होंने मौके पर मौजूद अफसरों और जवानों (Varanasi) को सख्त निर्देश दिए, “अगर कोई जबरदस्ती करे, तो तुरंत रोका जाए, ज़रूरत पड़े तो बल प्रयोग भी किया जाए।”
Varanasi: सुबह से ही शहर में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सुबह से ही शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। करीब 1000 पुलिसकर्मी, PAC, RRF, LIU और रेलवे पुलिस की टीमें तैनात की गईं। प्रमुख चौराहों, बीएचयू, टाउनहॉल (Varanasi) और प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के आसपास तीन-स्तरीय बैरिकेडिंग की गई। ड्रोन से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत निकलने वाले मार्च को देखते हुए सुबह से ही उनके आवास के बाहर ही पुलिस (Varanasi) ने बैरिकेडिंग कर दी। इस पर अजय राय ने कहा, “जहाँ रोका जाएगा, वहीं बैठ जाएंगे।”
इसके बाद जब वह 50 कार्यकर्ताओं के साथ निकले तो टाउनहॉल चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद अजय राय महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए और उपवास शुरू कर दिया। ऐसे में टाउनहॉल क्षेत्र में एसीपी कोतवाली, एसीपी विमेन क्राइम, दो थानों की फोर्स और RRF तैनात कर दी गई है।

