Varanasi: मणिकर्णिका घाट पर नए साल की भीड़ के बीच एक ऐसा वाकया हुआ जिसने कानून और सत्ता के टकराव को उजागर कर दिया। “मैं पार्षद का बेटा हूं” कहकर दरोगा को थप्पड़ जड़ने की घटना ने न केवल पुलिस की साख को चुनौती दी बल्कि राजनीतिक रसूख के दंभ को भी सामने ला दिया।
मणिकर्णिका घाट (Varanasi) के पास भीड़ नियंत्रण के लिए नो-व्हीकल जोन लागू था। इसी दौरान तीन युवक बाइक से वहां पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात दरोगा अभिषेक त्रिपाठी ने उन्हें रोकने की कोशिश की और भीड़ छंटने तक इंतजार करने को कहा। लेकिन युवकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए आगे बढ़ने की जिद की।
दरोगा के रोकने पर एक युवक ने अपनी पहचान बताते हुए कहा—”आप हमें कैसे रोक सकते हैं? हम पार्षद के बेटे हैं।” दरोगा ने उसे पीछे करने की कोशिश की, तभी अचानक युवक ने थप्पड़ जड़ दिया। आरोपी की पहचान हिमांशु श्रीवास्तव के रूप में हुई, जो भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास्तव का बेटा है।
Varanasi: भीड़ का गुस्सा और पुलिस की जद्दोजहद
थप्पड़ की घटना (Varanasi) के बाद स्थानीय लोगों ने हिमांशु को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। दरोगा ने उसे भीड़ से बचाकर अलग किया। इस बीच उसके सहयोगी घाट की ओर भाग निकले। कुछ ही देर में 40-50 लोग मौके पर पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से आरोपी को थाने तक पहुंचाया।
थाने का घेराव और राजनीतिक दबाव
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता चौक थाने पहुंच गए। थाने पर पदाधिकारियों का जमावड़ा लग गया और घेराव की स्थिति बन गई। थाना प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि दरोगा (Varanasi) की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी का मेडिकल भी कराया गया है।
हिमांशु श्रीवास्तव के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसे जमीन पर बैठाए रखा गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन कहते हैं कि उसने कुछ गलत नहीं किया। फिलहाल आरोपी (Varanasi) को कबीरचौरा अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर नहीं बताई जा रही।

