Varanasi: बरेका की स्थापना दिवस पर बरेका प्रेक्षागृह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि श्री बासुदेव पंडा एवं विशिष्ठ अतिथि महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष श्रीमती नीलिमा पंडा थी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम मुख्य रूप से बरेका के स्थापना दिवस [Varanasi] पर आयोजित किया गया है। आज के ही दिन 23 अप्रैल 1956 को इस कारखाने का शिलान्यास देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के कर-कमलों से संपन्न हुआ था।

Varanasi: 475 रेल इंजनों का उत्पादन कर नए कीर्तिमान की स्थापना
वर्तमान में बनारस रेल इंजन कारखाना [Varanasi] के नाम से सुविख्यात यह संगठन आज 68 वर्ष पूरा कर रहा है। किसी भी संगठन में केवल प्रशासनिक या तकनीकी कार्य तक ही मनुष्य को सीमित नहीं रखा जा सकता। उसके लिए सामाजिक सरोकार गतिविधियों की व्यवस्था भी प्रशासनिक जिम्मेदारी होती है। जिसके परिणाम स्वरूप टीम बरेका ने पिछले वित्तीय वर्ष में 475 रेल इंजनों का उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जो बरेका के कर्मचारियों अधिकारियों के परिश्रम को दर्शाता है।
महाप्रबंधक बासुदेव पंडा ने दीप प्रज्जवलन करके “काशी–पूरी” सांस्कृतिक कार्यक्रम [Varanasi] का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का प्रारंभ रितिका शर्मा एवं खुशी शर्मा द्वारा गणेश वंदना नृत्य से किया गया इसके बाद मोनिका मिश्रा के मनोहरी भजन संध्या, अनिता पांडेय व मुकेश सिंह द्वारा सुगम गायन गजल एवं गुजराती समूह नृत्य साथ ही लेखन एवं परिकल्पना सुधाकर मणि व मुकेश दुबे द्वारा निर्देशित ड्रामा नादान परिंदे का मंचन किया गया।

सभी कार्यक्रमों ने ऐसा मनोहारी दृश्य उत्पन्न किया कि लोग उसमें जैसे खो गए और मंत्रमुग्ध हो कार्यक्रम देखते रहे। कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सभी कलाकारों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत [Varanasi] प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री जनार्दन सिंह ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन उप मुख्य कार्मिक अधिकारी, मुख्यालय श्याम बाबू ने किया। कार्यक्रम का संचालन अमलेश श्रीवास्तव एवं सम्पूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा का संयोजन बरेका कार्मिक विभाग द्वारा किया गया था।

