Varanasi: अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त हमला किया। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की इस हमले में मौत हो गयी। इस खबर से काशी (Varanasi) के मुस्लिम समुदाय भी मर्माहत हो गये हैं। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैयद मोहम्मद अकील हुसैनी ने ईरान में शहीद हुए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई की जिंदगी पर रोशनी डाली और अमेरिका व इस्राइल की जुल्म का विरोध किया।
शिया जमात ने उनके इंतकाल पर शिया जामा मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना जफरुल हुसैनी ने सात दिन के शोक का एलान किया है। इमाम-ए-जुमा ने लोगों को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने, काले कपड़े पहनने और घरों पर काले झंडे लगाने का आह्वान किया है।
Varanasi: मुल्क में अमन-ओ-आमन और तरक्की
वक्फ मस्जिद व कब्रिस्तान खास मौलाना मीर इमाम अली पितरकुंडा (Varanasi) में रोजा इफ्तार हुआ। मगरिब की नमाज मौलाना जफर हुसैनी ने अदा कराई। मुल्क में अमन-ओ-आमन और तरक्की के साथ खामनेई के लिए दुआख्वानी की गई।
इमाम-ए-जुमा मौलाना जफरुल हुसैनी ने बताया कि ईरान पर किए गए हमले और खामनेई की मौत के विरोध में सोमवर की सुबह लाट सरैया (Varanasi) में एहतेजाजी जलसा हुआ। बनारस के उलेमाओं और लोगों से इस जलसे में शामिल होकर शांति प्रिय माहौल में शामिल होकर अपना विरोध जताया।
ईरान के सुप्रीम लीडर पर इस हमले से पुरे देश में मुस्लिम समुदाय आहात हुए हैं। वहीं रविवार को वे अमेरिका और ईरान के खिलाफ पुरे देश में प्रदर्शन करेंगे।

