Varanasi: शहर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चेतगंज थाना क्षेत्र की पुलिस ने मंडुआडीह के सरकारी पुरा इलाके से दो कुख्यात और इनामी अपराधियों—महेन्द्र मिश्रा और देवेन्द्र मिश्रा—को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में मादक पदार्थ, अवैध शराब और देशी तमंचा बरामद किया है। खास बात यह रही कि इनका अड्डा मंडुआडीह थाने से कुछ ही दूरी पर संचालित हो रहा था।
अनिकेत की गिरफ्तारी से खुली तस्करी की परतें
पूरे मामले की शुरुआत 2 मई को तब हुई, जब चेतगंज पुलिस (varanasi) ने चंदौली निवासी अनिकेत चौहान को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। पूछताछ में अनिकेत ने बताया कि वह महेन्द्र मिश्रा के निर्देश पर वाराणसी और चंदौली में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार को मंडुआडीह के सरकारी पुरा स्थित पांच मंजिला मकान पर छापेमारी की।
छत से फेंका गया मोबाइल, फिर खुला दरवाजा
पुलिस (varanasi) जब मौके पर पहुंची, तो दरवाजा खोलने से मना कर दिया गया। तभी छत से संदिग्ध तरीके से कुछ सामान फेंका गया, जिसे देखकर पुलिस को अंदर गतिविधियों पर शक हुआ। एसीपी चेतगंज ने चेतावनी दी कि यदि दरवाजा नहीं खोला गया, तो बल प्रयोग किया जाएगा। कुछ देर बाद दरवाजा खोला गया, जहां दो भाई—महेन्द्र और देवेन्द्र मिश्रा—मौजूद मिले।
Varanasi: भारी मात्रा में नशीला माल और हथियार बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने एक देशी तमंचा 315 बोर, दो कारतूस, 9 किलो 100 ग्राम गांजा, 16.75 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया। पूछताछ में दोनों ने गांजा, हेरोइन और कोकीन की सप्लाई में संलिप्तता स्वीकार की।
दोनों भाइयों के खिलाफ वाराणसी, सुल्तानपुर और लखनऊ सहित कई जिलों में एनडीपीएस एक्ट और गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। कमिश्नरेट पुलिस ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। देवेन्द्र मिश्रा पर तो हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे संगीन आरोप भी लगे हैं।

