Varanasi: के रहने वाले एक UPSC अभ्यर्थी के खाते से 25 करोड़ रुपये का लोन निकलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। छात्र का खाता ICICI Bank में था। आरोप है कि साइबर ठगों ने उसके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर सेविंग अकाउंट को करंट अकाउंट में बदलवा दिया और फर्जी फर्म के नाम पर भारी रकम का निगेटिव लियन डाल दिया।
खाते में दिखा 25 करोड़ का लोन
छात्र अनुराग मिश्रा लखनऊ में रहकर UPSC की तैयारी कर रहे हैं। 17 जनवरी 2026 को वह दिल्ली के करोल बाग इलाके में लाइब्रेरी की फीस 3500 रुपये गूगल पे से भर रहे थे, लेकिन पेमेंट बार-बार फेल हो रहा था। जब मोबाइल बैंकिंग से अकाउंट चेक किया तो करीब 25.59 करोड़ रुपये का निगेटिव लियन दर्ज दिखा। इसके बाद उसने परिवार को मामले की जानकारी दी गई।
अनुराग ने कस्टमर केयर से संपर्क किया तो उन्हें नजदीकी शाखा जाने को कहा गया। लखनऊ की हजरतगंज शाखा में पूछताछ के बाद उन्हें जीएसटी कार्यालय भेजा गया। वहां पता चला कि वाराणसी (Varanasi) शाखा में उनके नाम से करंट अकाउंट खोलकर ‘उत्तरा इंटरप्राइजेज’ नाम की फर्जी फर्म दिखाते हुए लोन लिया गया है।
Varanasi: साइबर थाने में दर्ज हुआ केस
मामले की जानकारी मिलते ही अनुराग के पिता कमलेश कुमार ने वाराणसी (Varanasi) साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी। उनका कहना है कि बेटे ने न कोई कंपनी बनाई, न करंट अकाउंट के लिए आवेदन किया। ऐसे में बैंक की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
आखिर ये निगेटिव लियन क्या होता है?
आमतौर पर निगेटिव रिटर्न का मतलब होता है कि आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न महंगाई से कम हो। उदाहरण के लिए, अगर एफडी पर 5% ब्याज मिल रहा है और महंगाई 8% है, तो असल में आपकी रकम की ताकत 3% घट रही है।
मान लीजिए आपने 100 रुपये निवेश किए। साल बाद 5% रिटर्न से वो 105 हो जाएंगे। लेकिन अगर महंगाई 8% रही, तो बाजार में वही चीज 108 की हो जाएगी। यानी कागज पर मुनाफा, असल में घाटा।

