वाराणसी (Varanasi) के वरुणा जोन डीसीपी चंद्रकांत मीना ने गुरुवार रात रोहनिया सर्किल के अंतर्गत आने वाले थानों की समीक्षा बैठक की। एसीपी रोहनिया के कार्यालय में आयोजित अर्दली रूम के दौरान, डीसीपी ने थानेदारों को कड़ी हिदायत दी और विवेचना में देरी और खामियों के लिए दरोगाओं की क्लास लगाई।
क्राइम ग्राफ की समीक्षा और अपराधियों पर कड़ी नजर
डीसीपी चंद्रकांत मीना ने मंडुवाडीह, रोहनिया और लोहता थानों के अपराध दर की जांच की और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने हिस्ट्रीशीटर, सक्रिय अपराधियों और टॉप-10 अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और लंबित मामलों का जल्द खुलासा करने का आदेश दिया। डीसीपी (Varanasi) ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का खौफ होना चाहिए ताकि अपराध करने से पहले वे रुक जाएं।
लंबित विवेचनाओं पर अल्टीमेटम और महिला अपराधों पर सख्त निर्देश
डीसीपी (Varanasi) ने लंबित विवेचनाओं पर सवाल उठाते हुए दरोगाओं को 48 घंटे के भीतर सभी लंबित विवेचनाओं को निपटाने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि विवेचनाएं समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएं। विशेष रूप से महिला संबंधी अपराधों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया।
Varanasi: अपराधियों की निगरानी और कानूनी कार्रवाई
डीसीपी मीना ने थानों के प्रभारी निरीक्षकों को निर्देश दिया कि सभी हिस्ट्रीशीटर, सक्रिय अपराधियों और टॉप-10 अपराधियों का भौतिक सत्यापन किया जाए और उनकी सतत निगरानी के साथ-साथ नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम, गुण्डा एक्ट और जिला बदर के तहत भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इस बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन सरवणन टी., एसीपी रोहनियां संजीव कुमार शर्मा, इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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