Varanasi: गौ सेवा और गौ रक्षा के लिए समर्पित रहे फरसा बाबा की मृत्यु पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि फरसा बाबा सच्चे गौ भक्त थे और जहां भी गौ माता के संरक्षण की बात आती थी, वहां वे सबसे आगे खड़े दिखाई देते थे।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Varanasi) ने कहा कि फरसा बाबा का जीवन पूरी तरह गौ सेवा और गौ रक्षा को समर्पित था। उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा करते समय ही उनकी मृत्यु हुई, जो अत्यंत दुखद और समाज के लिए बड़ी क्षति है। इस घटना से उनके अनुयायी और सहयोगी बेहद आहत और असहाय महसूस कर रहे हैं।
Varanasi: प्रदेश सरकार पर उठाए सवाल
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फरसा बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका त्याग और समर्पण समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे गौ सेवकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को गौ रक्षकों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में ऐसा स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता है। उन्होंने (Varanasi) मांग की कि गौ सेवा और गौ रक्षा में लगे लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
शंकराचार्य ने अंत में कहा कि फरसा बाबा का निधन केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि गौ सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति है। उनके योगदान को समाज हमेशा याद रखेगा और उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास करेगा।

